गुलाम जीलानी बेग
सादुल्लाहनगर,बलरामपुर।सादुल्लानगर के घासीपोखरा पर सर्वप्रथम भगवान बुद्ध के मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा डॉ.भीमराव अंबेडकर के 69वें परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।बाबा साहेब का परिनिर्वाण 6 दिसंबर 1956 को हुआ था।इस अवसर पर मौलाना अबुल कलाम आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घासीपोखरा स्थित सम्राट अशोक बुद्ध विहार पर बाबा भीमराव अम्बेडकर साहब के मूर्ति पर फूल अर्पण कर माल्यार्पण किया।
मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष-प्रबंधक सियाराम सरोज ने डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।सामाजिक न्याय और समानता के लिए डॉ. अंबेडकर द्वारा किए गए संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है।कई जगहों पर संगोष्ठी,प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
जनता का योगदान
क्षेत्र के नागरिकों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
विशिष्ट अतिथि गौरीशंकर भारती ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने भारतीय संविधान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज में समानता और भाईचारे के लिए आजीवन संघर्ष किया।उनके विचार आज भी प्रेरणा स्रोत हैं और देश को आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं।डॉ.भीमराव अंबेडकर का जीवन न केवल दलित समाज के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम एक समतामूलक समाज की स्थापना कर सकते हैं।इस अवसर सियाराम सरोज,गौरी शंकर,डाक्टर राम तीरथ कनौजिया,राम उग्रह वर्मा,राजेश भारती,अर्जुन,राम बेचन,राहुल,अरूण कुमार,द्धारिका दास,अर्जुन भारती,मेहीलाल,राजू,अशोक भारती,छेदीराम,संतोष कुमार,डॉक्टर प्रकाश गौतम,सिकंदर,ओंकार,अमित,विक्की,अजय बौद्ध,शनि, मंगेश,शिवकुमार,जोखू राम,प्रेमचंद सोनी,रजनीकौल,शशि बाला,राम प्रसाद मौर्य आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।।

