गोंडा।संविधान ने देश के सभी नागरिकों को मूल अधिकार प्रदान किये हैं और साथ-साथ कुछ कर्तव्यों का भी निर्धारण किया गया है।संविधान की प्रस्तावना में जिन आदर्शों और लक्ष्यों को प्राप्त करने की बात कही गयी है उनको प्राप्त करने के लिए हमें अधिकार और कर्तव्य के बीच सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है।
ये बातें बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ता परिषद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने कही।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट एसपी सिंह,विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रामदयाल,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा रूंगटा व अधिवक्ता परिषद की प्रांतीय महामंत्री मीनाक्षी सिंह परिहार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने सभी का स्वागत किया। मुख्य वक्ता मीनाक्षी सिंह परिहार ने कहा कि हमारा लोकतंत्र नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत पर कायम है और अधिवक्ता परिषद संविधान में दिये गये हर व्यक्ति के अधिकार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।जिला अध्यक्ष धनलाल तिवारी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जय प्रकाश सिंह ने किया।इस अवसर पर संरक्षक घनश्याम पांडे,चंद्रशेखर सिंह,रविचन्द्र त्रिपाठी,गौरीशंकर चतुर्वेदी,रितेश यादव व केके द्विवेदी सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।

