गोंडा।जिले में बड़े पैमाने पर नौकरी दिलाने के नाम पर स्मार्ट वैल्यू नाम की संस्था द्वारा ढाई- ढाई सौ रुपए लोगों का पंजीकरण के नाम पर नौकरी दिलाने को लेकर के ठगी की गई है। ढाई-ढाई सौ रुपए पंजीकरण के नाम पर लेने के बाद 2 घंटे तक मोबाइल स्विच ऑफ कर करके एक कमरे में बैठाया गया। और बाद में नौकरी देने के नाम पर 12 हजार से लेकर 18 हजार रुपए की मांग की गई। जब लोगों ने पैसा देने से मना किया तो उनके बिना रजिस्ट्रेशन शुल्क को वापस किए उन्हें भगा दिया गया है। इन सभी नाबालिग और बालिक महिलाओं का डाटा गोंडा मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रेशन काउंटर से दिया गया है। जिन लोगों को यहां नौकरी देने के लिए बुलाया गया था वह सभी लोग बीते एक सप्ताह पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज करवाने के लिए महिलाए गई हुई थी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा पूरे मामले में जांच करके कार्यवाही की जा रही है।

मानव तस्करी का दर्ज है स्मार्ट वैल्यू नामक संस्था के खिलाफ मुकदमा
बीते 3 महीने पहले भी इसी स्मार्ट वैल्यू नाम की संस्था द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर 16 नाबालिग लड़कियों को बिहार लेकर जाया जा रहा था। जहां गोंडा रेलवे स्टेशन पर छापेमारी करके बीते 1 अगस्त को 16 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया था। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने स्मार्ट वैल्यू नामक संस्था सहित तीन महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी। लेकिन अभी तक इस संस्था के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है और अब फिर से नौकरी दिलाने के नाम पर नाबालिग और बालिक लोगों से ठगी की जा रही है।
सवालों के घेरे में गोंडा का मेडिकल कॉलेज
गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाने जा रहे नाबालिग और बालिक महिलाओं का डाटा लेकर के स्मार्ट वैल्यू नाम की संस्था के कर्मचारियों द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को फोन करके एक स्थान पर बुलाया जा रहा है। और उनसे ठगी की जा रही है सवाल अब इस बात का उठता है कि आखिर गोंडा मेडिकल कॉलेज से इन महिलाओं का डाटा कौन लीक कर रहा है। और डाटा लीक करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जा रही है।
पांचवी,10 वीं पास को भी नौकरी देने के लिए संस्था ने बुलाया
वही पांचवी पास सोनबरसा से नौकरी को लेकर आई सुनीता ने बताया कि हम गोंडा जिला मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाने गए थे। वहां पर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठी एक महिला ने नौकरी दिलाने की बात कही थी। और उन्हीं लोगों द्वारा हम लोगों का नंबर इन लोगों को दिया गया था। यहां हम जब आए तो हमसे ढाई सौ रुपए लेकर का रजिस्ट्रेशन कराया गया। मेरे मोबाइल को बंद करवा दिया गया था और 2 घंटे अंदर बैठने के बाद पैसे की मांग की गई। और हम लोगों को नौकरी भी नहीं दिए हैं हम लोगों से ढाई सौ रुपए की ठगी भी कर लिए है। वही लीलावती ने बताया कि हम भी गए थे इलाज करवाने वहां भी हमको नौकरी देने के नाम पर कहा गया था और इन लोगों ने नंबर दिया था। मैं अपनी बेटी को लेकर यहां आई थी आधार कार्ड, फोटो, मार्कशीट और 250 रुपए लिए हैं। और अव बता रहे हैं कि 18000 रुपए लगेगा तो हम लोगों के पास 18000 रुपए कहां है जो हम लोग इनको देंगे। यहां पर 100 से ज्यादा लड़कियां हैं वही चूंटीपुर की रहने वाली सीमा ने बताया कि हमको बताया गया था कि 5 से 6 हजार रुपए मिलेगा 250 हमसे लिए हैं और मुझे नौकरी भी नहीं मिली है 13000 हमसे मांग भी किए है।

