गोण्डा।जिले के हलधरमऊ शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दत्तनगर में कर्णधारों को झाड़ू लगाने के साथ दी जाती है ट्रेनिंग जो शिक्षा विभाग को शर्मशार कर रहा है। दत्तनगर के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों का झाड़ू लगवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल विडियो की पुष्टि यूपी लाइव टाइम 24×7 नहीं कर रहा है। विडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के अध्यापक पढ़ाने के बजाय बच्चों से साफ-सफाई का काम कराते हैं। यह न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है,बल्कि बाल श्रम की श्रेणी में भी आता है,जो कानूनन गलत है। इस प्रकरण को लेकर प्रधान प्रतिनिधि ने आवाज उठाई और विद्यालय में संचालित हो रही मिड डे मील योजना में अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि बच्चों को खाने में खराब और अशुद्ध भोजन परोसा जा रहा है,जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
ये प्रकरण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।इसके अलावा विद्यालय में मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) में भी अनियमितताएं है, बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन के बजाय खराब गुणवता वाला भोजन परोसे जाने का आरोप लगा है।

बच्चों से झाडू लगवाना गैर-जिम्मेदाराना हरकत
प्राथमिक विद्यालय दत्तनगर में बच्चों को शिक्षित करने की बजाय उनसे झाड़ू लगवाने का मामला तब सामने आया जब कुछ ग्रामीणों ने स्कूल के अंदर चल रही इस अमानवीय गतिविधि को देखा। विद्यालय में पढ़ने आए बच्चों को हाथों में किताबे पकड़ने के बजाय झाडू थमा दिया गया। जो बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है और बाल श्रम जैसे गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।अभिभावक बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजते हैं जिससे उनके बच्चों का बौद्धिक विकास हो,लेकिन दत्तनगर के प्राथमिक विद्यालय में उल्टा है। यहां नौनिहालों से शारीरिक श्रम करवाया जा रहा है। इस घटना ने अभिभावकों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया है।

बच्चों को परोसा जा रहा है खराब भोजन
अध्यापक की अमानवीयता का यह मामला सिर्फ झाड़ू लगवाने तक ही सीमित नहीं है। मिड डे मील की गुणवता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। विद्यालय में मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को पोष्टिक और स्वच्छ भोजन परोसने की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। प्रधान प्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन की जगह खराब और अशुद्ध खाना परोसा जा रहा है। जो उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रधान प्रतिनिधि ने लगाया आरोप
प्रधान प्रतिनिधि ने इस प्रकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि स्कूल के अध्यापक बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह से उदासीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों से न केवल झाड़ू लगवाया जा रहा है, बल्कि उन्हें मिड डे मील के नाम पर घटिया भोजन भी दिया जा रहा है।प्रधान प्रतिनिधि ने प्रकरण को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है और कार्रवाई की गुहार लगाई है।

