गोंडा।अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अपर आयुक्त प्रशासन वरिष्ठ आईएएस रेखा एस० चौहान से मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी होने में 2017 के शासनादेश का अनुपालन न किए जाने की बात कही। 31 जुलाई 2017 युक्त खाद्य सुरक्षा उनके प्रशासन द्वारा रिटेल लाइसेंस एक कार्य दिवस में और होलसेल का लाइसेंस 15 कार्य दिवस में जारी करने का शासनादेश जारी हुआ था।पूरे प्रदेश में आज भी किसी जनपद में 24 घंटे में रिटेल का लाइसेंस नहीं जारी किया जा रहा है।इसकी आड़ में औषधि निरीक्षकों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है।प्रदेश में औषधि निरीक्षकों ने फॉर्म 35 की आड़ में मेडिकल स्टोरों से पहले नोटिस देकर बाद में लेनदेन कर मामले को निस्तारित दिखाकर अनियमितता बरती जा रही है। फार्म 35 का निरीक्षण ही हटा दिया जाता है।

इसके लिए फॉर्म 35 विभाग से बारकोड की नंबरिंग के साथ औषधि निरीक्षकों को निर्गत किया जाए। मेडिकल स्टोर और होलसेल के लाइसेंस के जारी होने के अनुपात में भी परिवर्तन(1:10) की बात रखी गई आज होलसेल का लाइसेंस लेकर बिना फार्मासिस्ट के हजारों मेडिकल पर रिटेल का कार्य कराया जा रहा है। जिसकी संपूर्ण जानकारी औषधि निरीक्षकों को है।पूर्व में पूरे प्रदेश की मेडिकल स्टोर पर कौन फार्मासिस्ट कार्यरत है।इसकी जानकारी पोर्टल पर पूरे प्रदेश का कोई भी व्यक्ति ले सकता था।लेकिन इसे जानबूझकर विभाग द्वारा छुपाया जा रहा है। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर पर कार्य न करने पर त्यागपत्र देने और पोर्टल से रिमूवल का अधिकार फार्मासिस्ट को देने की मांग की है।इस क्रम में हरि ओम सिंह अध्यक्ष ,प्रशांत सिंह प्रदेश सचिव उपस्थित रहे।अपर आयुक्त प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है।

