मुश्ताक अहमद
गोंडा।जिले के मनकापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत गढ़ी की दो महिलाएं आवास के लिए दो दशक से अधिकारियों के चौखट का चक्कर लगा रहीं है।ब्लाक के अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती।
ग्राम पंचायत गढ़ी निवासिनी रेखा पत्नी मिश्रीलाल व फातमा पत्नी मुन्ना ये दोनों महिलाएं दो दशक से आवास की मांग को लेकर ग्राम प्रधान,ब्लाक व मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही सीएम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। बावजूद इसके इनका सुनने वाला कोई नहीं। ये महिलाएं आज भी छप्पर नुमा घर में रहकर अपनी जिंदगी को कोश रहीं हैं। बारिश का पानी इनके घरों में छप्पर से चूं-चूं कर गिरता है। और घर में रख खाने-पीने का सामान सहित अन्य सामान पानी गिरने से खराब हो जाता है। ये महिलाएं गरीबी की दंश से मजबूर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करती है। फात्मा ने यूपी लाइव टाइम 24×7 को दूर भाष पे बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र देकर आवास की मांग की हूं। लेकिन आज तक न कोई जांच करने आया और न ही कोई मेरी फरियाद को सुना। फूस का घर बारिश में गिर भी रहा है। जहां छप्पर रखा था वहां पानी भरा है। फातमा अब किराए के घर में रहकर गुजर बसर कर रही है। यही हाल रेखा देवी का भी है। रेखा छप्पर रखकर कर अपना गुजारा कर रही है। उसके पास भी न तो रहने को घर है और न ही आवासीय जमीन।

उसके पूरे परिवार का जीना दुश्वार हो गया है। ऊपर से बारिश कै जै बून गिरता है वो सब उसके छप्पर के नीचे ही गिरता है। रेखा भी मेहनत मजदूरी करके खाने पीने का सामान रखती है वो सारा सामान बारिश से खराब हो जाता है। रेखा ने भी आवास के लिए दर्जनों बार ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक व जिला मुख्यालय तक के अधिकारियों से अपनी पीड़ा सुनाई पर कोई फायदा नहीं मिला।
गरीबी की दंश झेल रहीं ये दोनों महिलाओं ने पीएम व सीएम से आवास की गुहार लगाई हैं। सरकार भले ही हर गरीब मजलूम को आवास देने की बात करती है और देती भी है।लेकिन इन दोनों महिलाओं के लिए ये झूठा साबित हो रहा है।
जिले में बैठे अधिकारी गरीबों की एक भी नहीं सुनते हैं। इन दोनों महिलाओं की दुर्दशा की जानकारी गढ़ी निवासी समाज सेवी अलर्क सिंह लल्ला को हुई तो उन्होंने दोनों महिलाओं के घर पहुंच कर आवास दिलाने का ढाढस दिया। इनके पास पक्का घर न होने से किराए के घर में रहने को मजबूर हैं।समाज सेवी अलर्क सिंह लल्ला का कहना है कि सरकार की जो भी योजना चलाई जा रही है उसको हर हाल में पात्रों तक पहुँचाना मेरा लक्ष्य है।

