तरबगंज,गोंडा।नदियों को साफ व स्वच्छ रखने के लिये सरकार भले ही कितनों कदम उठाए,लेकिन जबतक हम जागरुक नहीं होंगे और अपने स्तर पर उन्हें स्वच्छ रखने को पहल नहीं करेंगे तब तक नदियाँ कभी भी पूरी तरह से स्वच्छ नहीं हो पाएँगी।
यह बात नगर पंचायत तरबगंज ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन घनश्याम जायसवाल ने शुक्रवार को टेढ़ी नदी की सफाई की, और इलाकाई लोगों को जागरुक करते हुए कहा।
तरबगंज सिद्ध पीठ परमहंस शिव मंदिर के निकट टेढ़ी नदी के घाटों की ब्रांड एंबेसडर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया और नदी से जलकुंभी बाहर निकाला।
तरबगंज तहसील के ब्रांड अम्बेसडर स्वच्छ भारत मिशन घनश्याम जायसवाल नदियों से होने वाले लाभ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियाँ सकारात्मकता में वृद्धि करती हैं। हमारे ऋषि-मुनि नदियों के किनारे एकांत में बैठकर सालों तक तपस्या करते थे। आज भी कई उत्सव और त्यौहार अपने विशाल हृदय में सबको समेटने वाली, सभी को अपनी धन-संपदा का समान रूप से वितरण करने वाली जीवनदायिनी नदियों के साथ हम मनाते हैं। हिन्दू धर्म में तो मनुष्य के जीवन की अंतिम यात्रा भी इनकी गोद में खत्म होती है। संपूर्ण मानव इतिहास में शुरू से ही नदियों का अत्यधिक महत्त्व रहा है। नदियों का जल मूल प्राकृतिक संसाधन है। और कई मानवीय क्रियाकलापों के लिये बेहद ज़रूरी है। भारत जैसे देश में जहाँ की अधिकांश जनसंख्या जीविका के लिये कृषि पर ही निर्भर है।सिंचाई, नौसंचालन और जलविद्युत निर्माण के लिये नदियों को संरक्षित रखना हम सबका परम कर्त्तव्य है। नदियों को स्वच्छ बनाने के लिये सरकार भले ही कितनों कदम उठाए, लेकिन अगर हम जागरुक नहीं होंगे और अपने स्तर पर उन्हें स्वच्छ रखने में कोई पहल नहीं करेंगे तब तक नदियाँ कभी भी पूरी तरह से स्वच्छ नहीं हो पाएँगी। यदि ऐसे ही हम भौतिक संपदा की अंधी दौड़ में मुफ़्त में मिले इस बहुमूल्य खजाने का अंधाधुंध दोहन करते रहेंगे तो धीरे-धीरे हमारी नदियाँ मर जाएँगी। उसके बाद पृथ्वी पर जीवित सभी प्राणियों को अपने जीवन का निर्वाह करना मुश्किल हो जाएगा।

