गोंडा।जनपद में डायरिया का प्रकोप तेजी से चल रहा है, जिससे कई लोगों की जान भी जा चुकी है,ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह अंतर्गत फरेंदा शुक्ल गांव का है,जहां पर डायरिया का शिकार हुआ एक युवक की मौत हो चुकी है,अन्य चार लोग बीमार हैं।फरेंन्दा शुकुल गाँव के रहने वाले बेनी माधव तिवारी उम्र 30 वर्ष को तीन दिन पहले उल्टी दस्त होना शुरू हो गया। उपचार के लिए स्वजनों द्वारा स्थानीय कस्बे के एक निजी चिकित्सक के यहाँ ले जाया गया।जहाँ पर चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।इसके बाद सुबह उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गया,परिवारजन जब तक कुछ समझ पाते तब तक घर पर ही उनकी मौत हो गई,उसी के बाद उनके नौ वर्षीय पुत्र कुंदन उर्फ सेजल,दो वर्षीय पुत्री रिद्धि तथा छ माह की पुत्री सोनाली को भी उल्टी दस्त शुरू हो गया।
उपचार के लिए इन सभी को परिजनों द्वारा जिला मुख्यालय के अवध चिकित्सालय मैं भर्ती कराया गया है, जहां पर तीनों का इलाज चल रहा है,इसी क्रम में उनके घर राखी बांधने आई उनकी भांजी सलोनी 12 पुत्री बसंत कुमार तिवारी निवासिनी कंचनपुर को भी उल्टी दस्त शुरू हो गया। उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इसी क्रम मे मृतक की साली व अमृतलाल की पुत्री शीलू 17 का भी उल्टी दस्त के प्रकोप में आ गई। जिसे उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह मे भर्ती कराया गया है। जहां पर उपचार चल रहा है, फरेंदा शुकुल गांव के निवासी वरिष्ठ सपा कार्यकर्ता भगौती मिश्रा ने बताया कि डायरिया से पीड़ित सभी लोगों का इलाज परिजनों द्वारा कराया जा रहा है। डायरिया के फैलने की सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक को दे दी गई है। चिकित्साधीक्षक डॉ अजय कुमार यादव ने बताया कि डायरिया फैलने की सूचना पर चिकित्सा कर्मियों की टीम भेजी गई है। टीम द्वारा डायरिया से पीड़ित सभी लोगों के बारे में जानकारी हासिल कर ग्राम पंचायत में दवा का छिड़काव कराया गया है। उन्होंने कहा कि डायरिया पर रोकथाम के लिए आशा बहुओं को नियमित रूप से निगरानी किए जाने का निर्देश दिया गया है।

