गोंडा।संत कबीर दास ने गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया है, गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति असंभव है।गुरु ज्ञान के प्रकाश का स्तंभ हैं, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते हैं।यह बात भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य व समाज सेवी घनश्याम जायसवाल ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर चौधकपुर में प्रधान संत दुर्गेश दास को बरगद का पौधा भेंट करने के उपरांत कहा।
समाज सेवी घनश्याम जायसवाल ने कहा कि संत कबीर ने भी गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए कहा है कि “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने,गोविंद दियो बताय॥” यहाँ गुरु को गोविंद से भी ऊँचा स्थान दिया गया है,क्योंकि गुरु ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं, गुरु की महिमा अनंत और अपरंपार है।गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है।यह पर्व गुरु के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का दिन है।गुरु के आशीर्वाद से ही हमारा जीवन सार्थक और सफल हो सकता है।

