गोण्डा।गोंडा संसदीय क्षेत्र मुस्लिम और ब्राह्मण बाहुल्य सीट मानी जाती है।गोण्डा संसदीय सीट पर निवर्तमान सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ‘राजा भैया’ पर ही तीसरी बार भी भाजपा ने दांव खेला है।वहीं पीडीए ने सपा के खाते में डाल रखा है।प्रत्याशी श्रेया वर्मा मुस्लिम,यादव और सजातीय मतदाताओं के बलबूते कुरुक्षेत्र में विजय का पताका फहराने की मंशा लिए गांव के गलियों की खाक छान रही हैं।कारण कि वर्ष 09 में कांग्रेस के सेंबल पर बेनी प्रसाद वर्मा ने राजा भैया को पटकनी दी थी।
संसदीय क्षेत्र गोण्डा से आठ बार मनकापुर रियासत के हाथों सियासत घूमती रही। वर्ष 1971, 1980, 1984, 1989 में मनकापुर रियासत के कुंवर आनन्द सिंह ‘अन्नू भैया’ दिल्ली तक एकक्षत्र राज किया। वर्ष 1998, 2004, 2014 और 2019 में कुंवर कीर्तिवर्धन सिंह ‘राजा भैया’ सांसद बन दिल्ली में अपना दबदबा कायम किया।गोंडा संसदीय क्षेत्र में गोण्डा सदर,मनकापुर,गौरा,मेहनौन व बलरामपुर जिले की उतरौला विधानसभा शामिल है।गोण्डा लोकसभा क्षेत्र में 18,38,295 मतदाता हैं। इस सीट पर साल 1952 में हिंदू महासभा की शकुंतला नैयर, वर्ष 1957 में दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस से जीत दर्ज की थी। वर्ष 1962 में कांग्रेस से राम रतन गुप्ता दिल्ली पहुंचे। कुछ ही समय बाद रिपीटेशन के बाद स्वतंत्र पार्टी से पंडित नारायण डांडेकर ढाई साल तक सांसद रहे। वर्ष 1967 में कांग्रेस के ही टिकट पर सुचेता कृपलानी सांसद बनी थीं। वर्ष 1971 के चुनाव मनकापुर रियासत की सियासत में हस्तक्षेप हुआ,कुंवर आनंद सिंह कांग्रेस से जीते। वर्ष 1977 में सत्यदेव सिंह ने जनता पार्टी से जीत दर्ज की थी। वर्ष 1980, 1984, 1989 में लगातार कांग्रेस से राजा आनंद सिंह ने अपना झंडा गाड़ दिया था। मंदिर आंदोलन के बाद जिले में भाजपा की पैठ बनी। वर्ष 1991 में भाजपा से बृजभूषण शरण सिंह ने राजा मनकापुर को हराकर कमल खिला दिया। 1996 में बृजभूषण सिंह की पत्नी श्रीमती केतकी सिंह भाजपा से लड़ी और जीत गई। वर्ष 1998 में कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने सपा से चुनाव लड़ें और जीत गए। वर्ष 1999 में पुनः भाजपा से बृजभूषण शरण सिंह ने सपा के कीर्तिवर्धन सिंह को हरा दिया। वर्ष 2004 में कीर्तिवर्धन सिंह ने दूसरी बार भी सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीतकर दिल्ली पहुंचे। उसके बाद जातीय समीकरण के चलते वर्ष 2009 में बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस से जीत गए। राजा भैया को हार का मुंह देखना पड़ा। वर्ष 2014 में कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया भाजपा में शामिल हो गए और जीतकर लोकसभा में पहुंचे। उसके बाद 2019 में भी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर राजा भैया ने अपने राजनीतिक पकड़ और रसूख का लोहा मनवाया। 2024 में भाजपा ने तीसरी बार राजा भैया पर विश्वास जताते हुए टिकट दिया है।
कुलमिलाकर मनकापुर रियासत का दबदबा सियासत में चार दशक से कायम है। मौजूदा समय में मनकापुर रियासत के अभेद्य दुर्ग को भेद पाना आसान नहीं लग रहा है। बसपा ने अपना पत्ता नहीं खोला है। गोंडा संसदीय क्षेत्र में सीधी लड़ाई देखी जा रही है। सपा मुस्लिम-यादव व सजातीय (कुर्मी) वोटरों के भरोसे जीत का दावा कर रही है। भाजपा ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य,कुर्मी,दलित समेत यादव-मुस्लिम वोटरों व पीएम नरेन्द्र मोदी की गारंटी व अयोध्या धाम में राममंदिर निर्माण को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है।

