मनकापुर,गोन्डा।जहां भारत सरकार व उत्तर प्रदेश शासन मरीजो के कल्याण हेतु विभिन्न प्रकार की योजना चला कर कार्य करने मे लगा है,और अच्छी अच्छी घोषणाएं भी हो रही है।जिस पर छेत्र वासीयो के सवाल खड़े होने वाजिब है।करोड़ो रुपये से निर्मित मनकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का क्या मतलब जब एक महिला डाक्टर की तैनाती आज तक नही उपलब्ध हो सकी।फिर चीर फाड हेतु कोई सर्जन भी नही उपलब्ध,कुछ बर्ष इस केंद्र पर दिग्विजय नाथ श्रीवास्तव जरूर कार्यरत थे।उनके जाने के बाद अभी तक किसी की तैनाती नही हुई।
जिस सम्बन्ध मे अधिक्षक अनिल राय,व डाक्टर डीके भास्कर ने तैनाती की बात प्रशासनिक स्तर पर उठायी थी परन्तु प्रशासन के कान पर जूं नही रेगी।जो जनहित मे दोनो आधीछक ने उठायी थी।अब ये दोनो डाक्टर गैर जनपद मे कार्यरत है।आखिरकार कार इस अव्यवस्था का जिम्मेदार किसे माना जाए। शासन को या जनपद के शीर्ष पद पर तैनात बैठे प्रशासनिक अधिकारी मनकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती को लेकर सौतेला व्यवहार क्यो जो संवेदनशील बिषय है।जो शासन की सुंदर व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगने वाजिब है।देखने की बात यह होगी कब मिलती है इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला डाक्टर व सर्जन की तैनाती जिस तैनाती की छेत्र की जनता इंतजार कयी बर्ष से करती चली आ रही है।

