गोण्डा।पण्डरी कृपाल विकास खंड की ग्राम पंचायत पण्डरी बल्लभ में बन रहा गोशाला के बगल चारागाह की जमीन पर कई वर्ष पहले बना पंचायत भवन अब खंडहर में तब्दील हो गया। पंचायत भवन में कितने वर्ष सरकारी काम काज हुआ ये तो विकास खण्ड की फाइल ही बता सकती है। लेकिन यहां के वाशिंदों के मुताबिक इसके निर्माण से लेकर आज तक मात्र चंद महीने ही इसमें कर्मचारी आते जाते दिखाई दिए। प्रधान धनीराम का कहना है कि कभी इस पंचायत भवन में किसी कर्मचारी को बैठते नहीं देखा।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत भवन को बनें 12 से 13 वर्ष हुआ है। पंचायत भवन बना और दस वर्ष के अन्दर ही खण्डहर में बदल गया। पंचायत भवन में पीले ईंट का प्रयोग नजर आ रहा है। जिसमें भी लोनी लग गई है। अब प्रश्न यह है कि आखिरकार चारागाह में पंचायत भवन कैसे बना दिया गया। और उसके मानकों की जांच किस – किस अधिकारी ने किया। इतना जल्दी निष्प्रयोज्य कैसे हो गया। इसकी लागत क्या थी। भुगतान कितना हुआ। कौन सी फर्म ने काम किया और उस पर क्या कार्रवाई हुई। इन सब प्रश्नों का जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। इन प्रश्नों पर यदि प्रशासन विचार करे तो निश्चित ही पंचायत भवन में एक बड़ा घोटाला उजागर होगा। सचिव विजय कुमार ने बताया कि इस पंचायत भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका है। परन्तु समय से पहले निष्प्रयोज्य होने और निर्माता ठेकेदार लागत आदि सवालों का जवाब पुराना प्रकरण होने के कारण नहीं दे सके। विडियो ने कहा कि जानकारी नहीं है। एडीओ पंचायत के पास विवरण होना चाहिए। जबकि एडीओ पंचायत राजेश वर्मा ने कहा कि सोमवार को कार्यालय खुलने पर वे पूरा विवरण दे पायेंगे।

