गोंडा।संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों के माध्यम से समाज को अधिक जागरूक बनाने का काम किया था। उनका संदेश था कि हमें आपसी बैर और भेदभाव को छोड़कर समाज की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि दूसरों की मदद करने से हमें आनंद मिलता है और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उक्त विचार भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य घनश्याम जायसवाल ने नगर पंचायत तरबगंज डॉ भीमराव अंबेडकर वार्ड हरिजन बस्ती में लोगों को अपनी ओर मुखातिब कर कहीं।

श्री जायसवाल ने उक्त वार्ड में स्वच्छता अभियान चलाया और छात्रों को निशुल्क पुस्तक और बिस्कुट भेंट करने के उपरांत संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश संतता, त्याग, दया और विवेकपूर्ण जीवन जीने के लिए था। उन्होंने दरिद्रता और असामाजिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ी और समाज को एकता और समानता की ओर ले जाने का संदेश दिया। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया कि हम सभी भगवान के बच्चे हैं और हमारी संतता, धर्म और जाति का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने समाज में असामाजिक तथा दलितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।
एक दिन रविदास जी को एक गुरु मिले जिन्होंने उन्हें संत माना और उन्हें संत मत का ज्ञान दिया। इसके बाद से रविदास जी ने अपना जीवन संतों के उपदेशों और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को धर्म और संतों के महत्व के बारे में समझाया था। इस तरह, गुरु रविदास जी ने संतों के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया और उन्होंने संत मत के सिद्धांतों के माध्यम से लोगों को उन्हें समझाना और अपने जीवन को संतों के उपदेशों के अनुसार जीने की सीख देना था। गुरु रविदास जी की उपलब्धियों में उनकी रचनाओं का एक बड़ा संग्रह है, जिनमें उन्होंने संतों के महत्व के बारे में बताया है।
गुरु रविदास जी ने अपने उपदेशों और रचनाओं के माध्यम से अनेक लोगों को प्रेरित किया। उनकी रचनाओं का संग्रह आज भी उनकी स्मृति को सजीव रखता है।नगर पंचायत के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचकर सफाई नायकों के द्वारा हरिजन आबादी की साफ सफाई कराई तथा ब्लीचिंग पाउडर डलवा कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

