शरीफ अहमद अंसारी
लखीमपुर,खीरी।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले पेड़ पौधों को आरा चलने से रोकने की तमाम कवायदें की जा रही है। बावजूद इसके दिन प्रतिदिन पेड़ कम होते जा रहे हैं। वजह इलाकाई पुलिस व वन विभाग की चुप्पी है। विभागीय चुप्पी का परिणाम यह है कि हरे भरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है।
देश व सूबे की सरकार करोड़ों का बजट देकर पौधों को लगाने और उसे संरक्षित करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। वहीं जिले में बेखौफ प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है। ताजा मामला जिले के नकहा ब्लॉक प0 गांव उमरिया का है । यहां आंगनबाड़ी के पीछे वीट उसिया में दर्जनों पेड़,शीशम, गूलर, दो दर्जन जामुन के पेड़ काट लिए गए। वहीं दूसरी बीट में भी आधा दर्जन जामुन के पेड़ काटे गये हैं। एक ही रेंज शारदा नगर में अलग-अलग दो वीट में अवैध कटान की जा रही है।उमरिया गांव में देशी आम के पेड़ शीशम गूलर जमुना जिसमें कुछ पेड़ का निकासी बनवाकर इसी की आड़ में अवैध कटान की जाती है। इस अवैध कटान के संबंध में डीएफओ से संपर्क करने की कोशिश कि गयी, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। डीएफओ का फोन रिसीव न होने से डीएम के सरकारी नम्बर पर संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। मौजूदा समय में अवैध कटान से हरे भरे वृक्षों के साथ ही प्रकृति के साथ भी छेड़छाड़ ये माफिया कर रहे हैं। यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं कि लोग हरियाली व शुद्ध वायु के लिए तरस जायेंगे।

