उतरौला,बलरामपुर।नगर के प्राचीन एवं श्रद्धा का केंद्र बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर प्रांगण में चल रही दस दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर धार्मिक आस्था,श्रद्धा और भावनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला। कथावाचक पंडित बृजलाल मिश्र जी की ओजस्वी वाणी और भावनाओं से परिपूर्ण कथा ने श्रोताओं को शिव महापुराण के दिव्य संसार में प्रविष्ट करवा दिया।
इस विशेष दिवस की कथा का आरंभ हुआ भगवान कार्तिकेय की जन्म कथा से जहां पंडित जी ने बताया कि किस प्रकार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न हुए कार्तिकेय ने अधर्म और अराजकता के विनाश हेतु अवतार लिया। उनकी लीलाओं और शक्ति का ऐसा वर्णन हुआ कि श्रोताओं के मन में वीरता और धर्म के प्रति नई ऊर्जा का संचार हो गया।
कथा का भावनात्मक शिखर तब आया जब भगवान गणेश जी की जन्म लीला का प्रसंग प्रस्तुत हुआ। माता पार्वती द्वारा उबटन से गणेश जी की रचना, उनका बालसुलभ व्यवहार, और भगवान शिव द्वारा अनजाने में उनका मस्तक काटना, इन घटनाओं ने श्रोताओं की आंखों को नम कर दिया। किंतु जैसे ही कथा में गणेश जी को हाथी का मस्तक देकर उन्हें पुनर्जीवित करने और प्रथम पूज्य की उपाधि प्रदान करने की बात आई, पूरा पांडाल “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर परिसर इस दृश्य में भक्ति, भाव और उल्लास से भर उठा जब मंगल सोहर गीतों पर श्रद्धालु झूमते हुए भगवान गणेश के जन्मोत्सव का नृत्य और जयगान करने लगे। इस आत्मिक उत्सव को रात्रिकालीन आतिशबाजी ने और भी भव्य बना दिया, जैसे आकाश स्वयं इस जन्मोत्सव की साक्षी बन गया हो।
इस अवसर पर महंथ मयंक गिरि, यजमान त्रिपुरारी गिरि, मोनू गुप्ता, अर्पित गुप्ता, और मंदिर सेवा समिति उतरौला के समस्त सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन की गरिमा और भक्ति का अनुशासन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कथा अवधि में कथाव्यास पंडित बृजलाल मिश्र जी को माला, अंगवस्त्र और पारंपरिक साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। उनके सहयोगियों को भी अंगवस्त्र प्रदान कर उनकी सेवा भावना का आदर किया गया।
इस दिन का हर पल, हर प्रसंग, और हर शब्द श्रद्धालुओं के हृदय में गूंजता रहा, यह सिर्फ कथा नहीं, आत्मिक शुद्धि और धर्म चेतना की एक गहन यात्रा बन गई।
आयोजन की शृंखला में आगामी दिवसों में शिव-पार्वती विवाह, अंधकासुर वध, और रावण द्वारा शिव तांडव जैसे प्रसंगों का वर्णन होगा। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने व पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

