गोंडा।पीपल और बरगद के पौध लगाना न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है,बल्कि धार्मिक और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इनको लगाने से न केवल पर्यावरण को लाभ होता है, बल्कि हमें भी कई स्वास्थ्य और धार्मिक लाभ मिलते हैं। उक्त सुविचार भाजपा मंडल प्रभारी घनश्याम जायसवाल ने नगर पंचायत तरबगंज नारायणपुर पुल पास पीपल बरगद का पौधा रोपण के उपरांत कही।
भारतीय जनता पार्टी जिला जनपद गोंडा कार्य समिति सदस्य व मंडल प्रभारी घनश्याम जायसवाल ने बताया कि पीपल और बरगद के पेड़,धार्मिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टियों से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन पेड़ों को लगाने से कई लाभ होते हैं,जिनमें पर्यावरण संरक्षण,धार्मिक महत्व और स्वास्थ्य लाभ शामिल हैं। पीपल और बरगद दोनों ही पेड़ वायु से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके ऑक्सीजन छोड़ते हैं,जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होता है।
पीपल और बरकत काफी विशाल पेड़ होने के कारण घनी छाया प्रदान करते हैं, जो गर्मी के दिनों में बहुत राहत देती है और जानवरों और पक्षियों अन्य जीवों जीवों के लिए आवास प्रदान करते हैं। जिससे जैव विविधता में वृद्धि होती है।
ये विशाल पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करते हैं।हिन्दू धर्म में पीपल को बहुत पवित्र माना जाता है और इसमें त्रिदेव (ब्रह्मा,विष्णु और महेश) का वास माना जाता है।
बरगद को भी पवित्र माना जाता है और वट सावित्री व्रत में इसकी पूजा की जाती है,पीपल और बरगद दोनों ही पेड़ पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए पूजे जाते हैं।पीपल और बरगद दोनों ही पेड़ मजबूत और टिकाऊ होते हैं,जो उन्हें पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। ये पेड़ अपने सुंदर पत्तों और विशाल आकार के कारण वातावरण को सुंदर बनाते हैं।

