रियाजुद्दीन
नवाबगंज,गोंडा।शब-ए-बरात यानि गुनाहों से छुटकारे की रात नवाबगंज और ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। पर्व की अहमियत को देखते हुए जिम्मेदारों ने इबादत गाह ,मस्जिदों और कब्रिस्तानों की साफ सफाई कर भरपूर रोशनी और कुमकुमो से सजाया था।
गुरुवार को शाम होते ही मुसलमान रब की रजा हासिल करने, अपने और पूर्वजो के गुनाहों की माफी के लिए मस्जिद और कब्रिस्तानों की तरफ चल दिए। तिलावत ए कुरान, नमाजे नफ्ल,जिक्र ऐ खुदा में मशगूल होकर पूरी रात मुसलमान अपने गुनाहों की माफी और रब की रजा हासिल करने के लिए गिड़िगड़ाते रहे। वही कब्रिस्तान में जाकर अपने पूर्वजों की कब्रों फातिहा पढी। उनके गुनाहों की माफी के लिए बारगाहे रब मे दुआऐं की। ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह तआला आने वाले साल के लिए सारे फैसले करता है। इस दिन सच्चे मन से इबादत करने से किए हुए गुनाहाें को रब माफ कर देता है। घरों में महिलाओं ने भी पूरी रात जागकर इबादत की। शीरीनी बनाकर उवैसे करनी और मरहूमीन के नाम से नजरों नियाज किया। इबादत कर रब से अपने गुनाहों की माफी मागी। इस मौके पर मदरसा दारुल अमन के ग्राउंड में जिक्र उवैसे करनी का एहतिमाम किया गया। जलसे मे मेहमाने खुशुशी के तौर पर मुफ्ती मोहसिन रजा मिस्बाही दर्शन नगर ने शिरकत की। जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना ने मुसलमानो से दिलों में खौफ ए खुदा पैदा करने, नेक आमाल करने, पँचगाना नमाज कायम करने, और सच बोलने की नसीहत की। कारी मोहम्मद शरीफ शहर इमाम नवाबगंज ने जलसे मे शबे बरात की अहमियत, फजीलत पर तफ़सील से रोशनी डाली। जलसे का आगाज हाफिज मुर्तजा ने अपनी सुरीली आवाज में कुराने पाक का नूरानी तिलावत कर किया। शायरों ने नाते मुस्तफा का नजराना पेश किया।निजामत मौलाना अब्दुल अहद इमाम मस्जिद दारुल अमन ने किया। इस मौके पर इलाकाई ओलमा, शायर और सैकड़ो हाजरीन मौजूद रहे। सुरक्षा के एतबार से कस्बा प्रभारी उमेश सिंह अपने पूरे दलबल के साथ मौजूद रहे।

