गोन्डा।मंडल मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर धरती के भगवान झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। और जिम्मेदार मौन हैं। जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी समय-समय पर जांच की बात करते हैं। सीएमओ कार्यालय से महज 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाला बग्गीरोड और निगावाबोध से सुभाग पुर लिंक रोड पर झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं जाती। आरोप है कि इन झोलाछाप डाक्टरों का विभागीय सूत्र होते हैं। और इन्हीं सूत्रों से इनको जानकारी मिल जाती है, जिससे इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है। और हर महीने मोटी रकम के रूप में पेसगी पहुंच जाती है।
गांव में बैठे झोलाछाप डॉक्टरों के पास मेडिकल बेस्ट निस्तारण की भी उचित व्यवस्था नहीं होती। रात होते ही झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गांव के किनारे मेडिकल बेस्ट को खुले मे फेक दिया जाता है या जला दिया जाता है। इससे स्वास्थ्य महकमे को कोई फर्क नहीं पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग जब कोई बड़ी घटना घटती है तब जागता है और अनन फानन में कार्यवाहियों का झुनझुना बजाकर फिर सो जाता है। फिलहाल जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरी कृपाल अन्तर्गत ग्राम निगवाबोध से सुभाग पुर रोड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेहनौन अन्तर्गत बग्गी रोड पर बैठे डॉक्टरो के झांसे में भोले-भाले लोग पहुंचे जाते हैं।

