छपिया।भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्मशताब्दी के अवसर पर मसकनवा कस्बे के राजा फार्म हाउस पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।कवि सम्मेलन की अध्यक्षता पंडित राम हौसिला शर्मा व संचालन कवि सुधांशु बसंत ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक प्रभात कुमार वर्मा,पूर्व प्रमुख यू पी,प्रमुख अनिलपासवान जितेंद्र पांडेय और कमलेश पाण्डेय ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से कवि गीतकार बृजराज श्री माली ने किया मुझे बेचकर क्या खरीदना चाहोगी।कई रंग के बैंगन हैं बाजार में।कवि डॉ सतीश आर्य ने पढ़ा बैठी हुई झोपड़ी मे एक अपराधिनी सी जैसे बाल्मीकि के कुटी मे कोई सीता हो।कवि सुधांशु बसंत ने दोहा पढ़ा
अटल बिहारी थे अटल ,थे स्वभाव से संत।
श्रद्धा सुमन अर्पित उन्हे ,करता कवि बसंत ।
आपस के तकरार से ,बदल रहा व्यवहार। परेशान है आदमी, बिखर रहा परिवार ।कवि आर के नारद ने पढ़ा जैसा जीवन जिये अटल जी कोई भी ना जी पाएगा। जितना जहर पिया जीवन में कोई भी न पी पाएगा।कवि पंडित राम हौसला शर्मा ने पढ़ा हे ईश्वर मुझे न रतन चाहिए। सुख से भरपूर अपना वतन चाहिए। डॉ वी एन शर्मा ने पढ़ा तिमिर निशा मे उगे सूर्य सा वो तो अटल बिहारी थे। जनमानस को आलोकित कर हर साजिश पर भारी थे। अनंत शुक्ला अनंत ने पढ़ा वर्ण वर्ण के फूल खिले हैं हरा भरा मैदान। हमारा प्यारा हिंदुस्तान स्वर्ग ने न्यारा हिंदुस्तान।कवि हनुमान दीन पाण्डेय ने पढ़ा देश में जनतंत्र क्या आया चांदी हुई दलालों की ।किससे दर्द कहूँ अपना पीड़ा देने वालों की।कवि राज तेज शर्मा ने पढ़ा हिंद देश में रहते हैं हम हिंदी हमारी पहचान है ।हे भारत माता की बहना हिंद हमारी जान है। कवि राम सूरज वर्मा प्रकाश ने पढ़ा प्रभु मुसीबत की भी कोई हद चाहिए ।नाथ हमको भी कुछ क्षण सुखद चाहिए।कवि रघुभूषण तिवारी ने पढ़ा मर्यादा से कोई समझे तो हम राम बन जाये।छदम वेश में कोई आये तो हम घनश्याम बन जाये।पूर्व प्रमुख यू पी सिंह,दिनेश शुक्ल ,कमलेश पांडेय ,भूपेश मिश्रा,पूर्व प्रमुख शैलेंद्र पांडेय, श्याम बाबू ,श्रवण शुक्ल ,जितेन्द्र पाण्डेय,विक्रम प्रसाद, राजन सिंह,सोनू पाण्डेय ,दुर्गा वर्मा ,सुनील,प्रदीप रहे।

