गोंडा।उत्तर प्रदेश अंतर्गत जिला गोण्डा के सदर क्षेत्र में देशी शराब दुकानों पर खुलेआम ओवर रेटिंग होने से विभागीय कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। सदर क्षेत्र कर अधिकांश दुकानों में देशी-विदेशी मदिरा एमआरपी से अधिक कीमतों पर बेची जा रही है। आबकारी मंत्री के तमाम निर्देशों के बाद भी ओवररेटिंग रुकने का नाम नही ले रही है।

यू पी लाईव टाइम 24×7 की टीम द्वारा की गई तहकीकात के दौरान गोण्डा सदर क्षेत्र के सरकारी दुकानों पर MRP से अधिक दर पर शराब की बिक्री नजर आयी। बस स्टैंड चौकी स्थित देशी शराब की दुकान जो एक दम चौकी के बगल है दूसरी दुकान स्टेशन रोड स्थित महारानीगंज घोसियाना स्थित देशी शराब की दुकान व स्टेशन रोड स्थित बियर की दुकान पर किंगफिशर प्रिंट रेट 130 की जगह 140 लिया जा रहा है व मोहल्ला महराजगंज में स्थित देशी शराब की दुकान में भी ओवर रेटिंग मिली। गल्ला मंडी रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान पर ओवर रेटिंग की जानकारी लेने पर सेलमैंन द्वारा बताया गया कि दीवाली के नाम पर हम लोग ओवर रेटिंग कर रहे हैं। इस संबंध में सदर निरीक्षक वंदना केसरवानी ओवररेटिंग करने वालों की वकालत करती नज़र आई। वहीं चर्चा तो यहां तक है कि सदर सर्किल में कुछ दुकानों को छोड़कर शेष दुकानों पर सदर निरीक्षक की सह पर ओवर रेटिंग की जा रही है। प्रकरण के संबंध में जिला आबकारी अधिकारी गोण्डा को दूरभाष द्वारा जानकारी देने का प्रयास करने पर उनका फोन रिसीव नही हुआ। ततपश्चात उप आबकारी आयुक्त देवीपाटन मंडल को जानकारी देने पर उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया। कुछ ही क्षण बाद सदर निरीक्षक ने फोन करके पत्रकार को उल्टा सीधा कहते हुए कहा गया कि अगर कोई त्योहार के नाम 05 या 10 रुपये ज्यादा ले रहा है तो उसमें कौन सी बुराई है। निरीक्षक द्वारा इस तरह के दिए गए बयान से स्पष्ट होता है कि उसे शासन प्रशासन सहित आबकारी अधिकारी का तनिक भी खौफ नही है।

सूत्रों की माने तो जिले में जब से वन्दना केसरवानी द्वारा चार्ज लिया गया है तब से सदर क्षेत्र अधिकतर भांग के ठेकों पर गांजा व चिप्पड़ की बिक्री खुलेआम हो रही है।वन्दना केसरवानी द्वारा कहा गया कि अन्य सर्किल में और भी इंस्पेक्टर हैं उनके क्षेत्र में भी घूमो व शिकायत करो केवल हमारे ही पीछे पड़े हो। जिससे स्पष्ट होता है कि वन्दना केसरवानी द्वारा खुद को साफ सुथरा व ईमानदार साबित करने के लिए शेष सर्किल के निरीक्षकों पर इशारों ही इशारों में सवालिया निशान लगाया जा रहा है जो जांच का विषय है।

