इमरान अहमद
मनकापुर।जिले के मनकापुर-वजीरगंज क्षेत्र में स्थित पार्वती-अरगा पक्षी विहार को ईको टूरिज्म बनाए जानें की संभावना बढ़ गई है,शनिवार को वन व जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने अरगा पक्षी विहार का दौरा कर अधिकारियों के साथ इसके विकास व विस्तार की चर्चा की।

केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दौरा कर विकास व सौन्दर्यीकरण के लिए विस्तृत रूप से की चर्चा
एक लंबे समय से विकास की आस लगाए पार्वती-अरगा पक्षी विहार को पर्यटन स्थल बनाए जाने की उम्मीद अब बढ़ गई है।जिसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया लगातार प्रयास कर रहें हैं।शनिवार को वह पार्वती-अरगा पक्षी विहार रेंज का मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री,भारत सरकार में पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के अतरिक्त महानिदेशक एस०के० अवस्थी,मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार सिन्हा,इको विकास मुख्य वन संरक्षक नीरज कुमार व संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।इस दौरान उसके विकास व सौन्दर्यीकरण के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की।

घने जंगल के बगल स्थित यह झील अपनी सुंदरता से पर्यटकों के लिए बना आकर्षण का केंद्र
आपको बतातें चलें कि पार्वती-अरगा पक्षी विहार गोंडा जिले से लगभग 45 किमी.दूर मनकापुर-नवाबगंज रोड पर स्थित है,यह पक्षी विहार झील 1084.47 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।टिकरी जंगल के बगल स्थित यह झील अपनी सुंदरता से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।जंगल किनारे स्थित झील यहां की छटा को और निहारती है।सर्दीयों के दिनों में यह झील विदेशी पक्षियों से गुलज़ार हो जाता है,शरद ऋतु की शुरुआत होते ही यहां पर प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।माह दिसंबर व जनवरी में विदेशी पक्षी टिकरी जंगल का रुख करते हैं और मार्च माह शुरू होते ही यहां से चले जाते हैं।
सर्दियों में कई हज़ार किलोमीटर दूर से सफ़र तय कर के आते हैं पंछी
यहां क्रौंच,स्यकेन,नीलकंठ,कलिग,क्रास्ट उट्टान,हंस आदि विदेशी पक्षी आते हैं।यहीं नहीं ठंड के दिनों में विदेशी पक्षियों के अलावा सैकड़ों की तादाद में सारस पक्षी भी अपने जोड़े के साथ विचरण करने यहां आते हैं। जिनमें तिब्बत से आने वाली पक्षियों में छोटी मुर्गाबी,नकटा,गिर्री व सुर्खाब,मध्य एशिया से आने वाले पक्षियों में काज व चट्टा प्रमुख हैं।फ़िलहाल अगर इसको विकसित किया जाता है तो ना सिर्फ यह स्थल पिकनिक स्पाट बनेगा बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में रोजगार का साधन भी बढ़ाएगा।

