गोंडा।सरकार शिक्षा विभाग में अध्यापकों की तैनाती इसलिए करती है कि छोटे छोटे बच्चों को अच्छी तालीम दें। वहीं स्कूलों में तैनात अध्यापक पढ़ने के बजाय किसी बच्चे के न पढ़ने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दें तो उसको गुरु की जगह हैवान नहीं तो और क्या कहा जाएगा।

जी हां ऐसा ही एक प्रकरण शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय जनकपुर का प्रकाश में आया है। बीते मंगलवार 16 जुलाई को कक्षा एक में तालीम हासिल करने वाला 7 वर्षीय छात्र की विद्यालय के प्रधानाध्यापक मकसूद अली ने पिटाई कर दी। आरोप है कि छात्र गणित का सवाल न लगा पाने पर उसकी पिटाई कर दी। प्रधानाध्यापक मकसूद अली ने 7 वर्षीय छात्र आयुष मिश्रा की बेरहमी से की गई पिटाई से छात्र की पीठ व हाथ में चोट लगी है। छात्र का परिजनों ने एक निजी हास्पिटल में इलाज कराया है। परिजन प्रधानाध्यापक मकसूद अली के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मनकापुर विकास खंड की की ग्राम पंचायत चकगौरा गांव निवासी संजय कुमार ने अपना 7 वर्षीय पुत्र आयुष मिश्रा का गांव के ही बगल स्थित प्राथमिक विद्यालय जनकपुर में कक्षा एक में दाखिला कराया था। और आयुष मिश्रा बीते कई दिनों से प्राथमिक विद्यालय जनकपुर में पढ़ने जा रहा था। बीते मंगलवार 16 जुलाई को प्रधानाध्यापक मकसूद अली ने जब आयुष मिश्रा से गणित का सवाल लगाने को कहा और आयुष मिश्रा जब गणित का सवाल नहीं लग पाया। तो नाराज होकर के डंडे से आयुष मिश्रा की पिटाई कर दी।
आयुष मिश्रा के पीठ पर कई जगह गंभीर चोट के निशान है तो वहीं हाथ पर भी डंडे के निशान है। घायल छात्र आयुष मिश्रा ने घर पहुंच कर परिजनों को पूरे मामले को बताते हुए चोट का निशान दिखाया। चोट लगी होने से छात्र के पीठ और हाथ पैर सूजन आ गई। परिजनों ने अपने बेटे आयुष मिश्रा का इलाज कराया है।
वही पीड़ित छात्रा आयुष मिश्रा के चाचा अमरेश मिश्रा ने बताया कि बीते मंगलवार 16 जुलाई को हमारे चाचा का लड़का आयुष मिश्रा प्राथमिक विद्यालय जनकपुर में पढ़ने गया था। जहां के प्रधानाध्यापक मकसूद अली द्वारा कोई सवाल पूछा गया ना। बता पाने की स्थिति में मेरे चाचा के लड़के आयुष मिश्रा को डंडे से उसको मारे पीटे हैं जिससे उसके हाथ और पीठ में सूजन आ गई है और काफी चोट के निशान है।

