गोंडा।जिले में आधी आबादी को किसी भी थाने पर न्याय नहीं मिल रहा न्याय, उसे न्याय दिलाने का काम हमारा है। आये दिन जिले के हर थानों पर पति-पत्नी विवाद,महिलाओं का उत्पीड़न जैसे तमाम प्रकरण आते हैं।
थानों पर तैनात महिला पुलिसकर्मी महिला उत्पीड़न व पति-पत्नी विवाद जैसे मामलों को निपटाने में नाकाम साबित हो रही है। उन्हें सीधे जिले के महिला थाने पर भेज दिया जाता हैं। जिले भर में 18 थाना है। सभी थानों पर कम से कम 5 महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।कि महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार पर लगाम लगायें और महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडे, माफियाओं को जेल के सलाखों में कैद करें और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाएं। लेकिन पीड़ित महिलाओं को किसी भी थाने पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। और उन्हें सीधे महिला थाने पर गुमराह करके भेज दिया जाता है। प्रतिदिन जिले भर में पति-पत्नी विवाद महिला उत्पीड़न जैसे दर्जनों शिकायतें आती है। लगभग पचास प्रतिशत मामलों का निपटारा महिला थाना प्रभारी अनीता यादव कर रही है।जिसको लेकर महिलाएं सराहना कर रही हैं। कर्नलगंज से आई एक पीड़ित महिला ने बताया कि हमारा पति-पत्नी का विवाद विगत दो वर्षों से चल रहा है। कई जगह प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को महिला थाना प्रभारी अनीता यादव और कांस्टेबल चंदन यादव के प्रयास से पीड़ित महिला का विवाद सुलझा कर हंसी खुशी से एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गये। उपहार स्वरूप चंदन यादव ने मिठाई और और अंग वस्त्र देकर पति-पत्नी की विदाई की। वहीं दूसरा मामला खरगूपुर से आई पीड़ित महिला ने बताया कि हमारे पति-पत्नी का विवाह का मामला विगत 5 वर्षों से चल रहा था। और खरगूपुर में कई बार प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन न्याय नहीं मिला। और मायूस होकर लौटना पड़ा। और न्याय की आस लेकर महिला थाने पर आई और महिला थाना प्रभारी अनीता यादव ने कांस्टेबल प्रियंका चौहान को जिम्मेदारी सौंपी। प्रियंका चौहान ने दोनों लोगों को बुलाकर समझाया और दोनों लोग एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गए और उपहार स्वरूप इन्हें भी अंग वस्त्र और मिठाई देकर थाने से विदाई की गई। तीसरा मामला थाना खोडारे का है। बीते एक वर्षों से पति पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। पीड़ित महिला ने बताया कि हमारे पति मुझे अपने घर नहीं ले जा रहे है।पति पत्नी विवाद मामले को सुलझाने के लिए कांस्टेबल सोनी वर्मा को लगाया गया। सोनी वर्मा ने जिम्मेदारी का पालन करते हुए पति पत्नी को समझा बुझाकर हंसी खुशी से एक दूसरे के साथ रहने को राजी हुए। उपहार स्वरूप भेंट कर थाने से विदाई की गई। उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महिला थाना प्रभारी अनीता यादव सहित महिला कांस्टेबल चंदन यादव, महिला कांस्टेबल प्रियंका चौहान, महिला कांस्टेबल सोनी वर्मा, एक अलग पहचान बनाई है। जिससे महिला थाना प्रभारी और महिला कांस्टेबलों की प्रशंसा हो रही है।

