डेस्क।गोंडा जिले के छपिया,मनकापुर व मजगवा के श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर में मां वैष्णो देवी का दर्शन कर वापस आ रहे थे कि शिवखोड़ी के पास श्रद्धालुओं के ऊपर आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी।इस हादसे में गोंडा जिले के आठ श्रृद्धालुओं घायल हो गए।वजीरगंज थाना क्षेत्र के मजगवा बाजार निवासी राजेश गुप्ता,पत्नी विट्टन देवी,छपिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत भिखारीपुर सोहिल निवासी देवी प्रसाद गुप्ता,पत्नी नीलम गुप्ता,बेटी पलक,बेटा प्रिंस गुप्ता,जवाहर नगर कानपुर निवासी साला दिनेश गुप्ता के साथ मनकापुर थाना कस्बा निवासी दोस्त दीपक कुमार राय भी घायल हुआ है।यह हादसा किसी खौफ से कम नहीं था। दूरभाष पर घायलों ने बताया कि आतंकी सेना जैसी वर्दी में थे और लगातार गोलियां बरसाते रहे। इससे पहले कुछ समझ पाते बस एक गहरी खाई में जा गिरी।
सेना की वर्दी में थे आतंकी
उत्तर प्रदेश गोंडा जिले के छपिया निवासी श्रद्धालु संतोष कुमार ने बताया कि वह बस चालक के पास सीट पर बैठा था। बस जंगल के बीच से ऊपर से नीचे की ओर जा रही थी कि अचानक हथियारबंद आतंकी सेना जैसी वर्दी पहने सामने आ गए और गोलियां बरसाने लगे। उन्होंने चेहरे को काले कपड़े से ढक रखा था।
खाई में बस गिरने के बाद भी फायरिंग करते रहे आतंकवादी
बस चालक को गोली लगते ही बस खाई में गिर गई और उसके बाद भी आतंकी फायरिंग करते रहे।सभी श्रद्धालु काफी देर तक बस व खाई में फंसे रहे थे,घटना जंगल में आग की तरह फैल गई स्थानीय लोग पहुंचे और श्रद्धालुओं को निकालना शुरू किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जम्मू मेडिकल कालेज में घायल श्रद्धालुओं को भर्ती कराया गया है। गोंडा जिले के छपिया निवासी श्रद्धालु देवी प्रसाद ने बताया कि यात्रा की थकावट में कुछ श्रद्धालु सो गए थे।
जब आंख खुली तो बस के अंदर का दृश्य था बहुत ही भयानक
घने जंगल के बीच बस पहुंचते ही एकाएक गोलियों की तड़तड़ाहट होने की आवाज आने लगी।पहले कुछ समझ में नहीं आया।आतंकी बस के लुढ़क जाने के पांच मिनट बाद भी गोलीबारी करते रहे।शायद वे सभी को मार देना चाहते थे।उसका कहना था कि एक पल तो लगा कि आज जिंदा नहीं रहूंगा लेकिन पांच मिनट तक गोलीबारी होने के बाद आतंकी वहां से चले गए।उस समय मैं तो होश में था लेकिन बस के अंदर का दृश्य बहुत ही भयानक था।
उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि हादसे में कितने लोगों की मौत हो चुकी है।देवी प्रसाद अपनी पत्नी नीलम और दो बच्चों प्रिंस गुप्ता,पलक गुप्ता के साथ आया था।हालांकि सभी की हालत ठीक है।उन्हें अधिक चोट नहीं पहुंची है।आतंकी हमले से सभी श्रद्धालुओं में भय व्याप्त है। वहीं घायलों में से कोई भी अधिक बोल नहीं रहा था।
जहाँ हुई घटना वो आतंकियों का था पुराना रूट
घटना स्थल आतंकियों का पुराना रूट रहा है सूत्रों के अनुसार इस हमले में दो आतंकियों के शामिल होने की सूचना है।आतंकी घात लगाकर हमला करने के बाद जंगल में भाग निकले।उन्होंने कहीं छिपे होने की संभावना जताई जा रही है।जिस जगह पर हमला हुआ है,उसे कंडा कहा जाता है।यह इलाका आतंकियों की मूवमेंट का रूट है।विगत कुछ वर्ष पूर्व नारला बंबल में आतंकी हमले में कुछ लोग मारे गए थे।इसी क्षेत्र के आसपास कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित त्रियाठ के घरोटी में भी नरसंहार हुआ था।इस आतंकी हमले में एक ही परिवार के पांच लोग मारे गए थे।

