गोंडा।बिना आजादी के किसी भी व्यक्तित्व में निखार नहीं आ सकता,आजादी से जीने की सीख महराणा प्रताप ने विदेषी ताकतों से डटकर मुकाबला करने की दिया इसका इतिहास गवाह है। उक्त विचार मुख्यअतिथि राम धन सिंह राणा ने ग्राम पंचायत खरगूपुर अवरता में आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के खून में देष भक्ति व स्वाभिमान कूट कूट कर भरा हुआ था।उन्होंने हिंदु धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी दासता स्वीकार नहीं किया। महराणा प्रताप हमारे आजादी के प्रेरणा स्रोत हैं। ऐसे महापुरूषों को याद रखकर नई पीढी में देष भक्ति की अलख जगानी होगी। अध्यक्षता राघवराम सिंह राणा ने की।उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में सब्र व सम्मान की कमी आ रही है,हमारे संस्कार राणा प्रताप सिह जैसे होना चाहिए जिन्होंने इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया। इस गोंश्ठी राणा परिवार के पारसनाथ सिह,सुरेंद्र सिंह,भारत सिंह, चंद्र बलि सिह,राम कृपाल सिह,श्रीचंद सिह,तिलक राज सिंह,अजय सिह,महेष सिह,वीरेंद्र सिह ने महाराणा के चित्र पर माल्यापर्ण किया।

