अनुराग सिंह
कर्नलगंज,गोण्डा।स्थानीय कोतवाली की भंभुआ पुलिस चौकी क्षेत्र की पारा गांव में शुरू सड़क चौड़ीकरण के कार्य को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध के साथ ही आक्रोश व्यक्त करते हुए जोरदार प्रदर्शन कर सड़क चौड़ीकरण के कार्य को रोकने के लिए एसडीएम करनैलगंज को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया।

शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन तथा सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार के ऊपर आरोप लगाया है कि ठेकेदार व पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने सड़क खतौनी और नक्शे में दर्ज नहीं है। उस जमीन पर सड़क की चौड़ीकरण कराई जा रही है। आरोप ये भी है कि सड़क के अगल-बगल किनारे ग्रामीणों के खेत पर बिना किसी बातचीत व अनुमति लिए तानाशाही करते हुए सड़क के दोनों ओर 14 मीटर तक अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्य शैली से आक्रोशित ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर खूब नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य से पहले ठेकेदार ने न तो किसानों से कोई बात की और न ही प्रशासन से अनुमति ली। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यदि उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो वो इस कार्य में बाधा उत्पन्न करेंगे। और मुआवजा मिला तो वो कोई बाधा नहीं डालेंगे। आवश्यकता पड़ी तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अधिवक्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने की शिकायत
पारा गांव निवासी व तहसील कर्नलगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने एसडीएम को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके गांव में कई लोगों की संक्रमणीय भूमि पर 40 वर्ष पहले आवागमन की सहजता हेतु सहमति से रास्ते का निर्माण था। जो नक्शे या सरकारी अभिलेखों में वहां किसी प्रकार की सड़क या रास्ता नहीं है। अब विभाग द्वारा सड़क को चौड़ीकरण कराई जा है। जिससे किसानों की अपूरणीय क्षति हो रही है। श्री मिश्रा ने कहा की सड़क चौड़ीकरण के कारण अगल-बगल खेतों में लगी फसल दबंगई से नष्ट की जा रही है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसानो की जमीनों का उचित मुआवजा दिया जाए तो सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं किया जाएगा, अन्यथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जायेगा।
गांव के पूर्व प्रधान धूम सिंह, किरन सिंह, मोबीन अहमद, धर्मराज सिंह व रामपाल, कपिल देव सिंह, राजबक्श सिंह समेत प्रदर्शन कर रहे दर्जनों ग्रामीणों ने जबरन खेतों पर कब्जा करते हुए सड़क का चौड़ीकरण कर रहे ठेकेदार तथा पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही लोगों ने एक स्वर में कहा कि निर्माण कार्य तभी चालू होने देंगे जब उन्हें उनकी जमीनों का उचित मुआवजा विभाग की तरफ से दिलाया जाएगा। अन्यथा उनका विरोध प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।

