गोण्डा।जिले के परसपुर थाना के बसंतपुर में स्थित एक पेट्रोल पंप मैनेजर ने अमानत में खयानत कर 11.95 लाख रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। पंप मालिक को शक होने पर अभिलेखों की जांच पड़ताल की तो मैनेजर की पोल खुल गई। मौके नजाकत भांप मैनेजर रफूचक्कर हो गया। पंप मालिक ने आरोपी मैनेजर को खिलाफ थाने में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस मामले की गहन छानबीन करते हुए आरोपी मैनेजर की तलाश में जुटी है।
मिली जानकारी के अनुसार तरबगंज थाना क्षेत्र के भिखारीपुर कला गांव निवासी श्याम सुन्दर सिंह सेवानिवृत्त सैनिक हैं। उनका परसपुर-कर्नलगंज मार्ग पर बसंतपुर शिवादीप आटो फ्यूल सेन्टर के नाम से उनका पेट्रोल पंप है। स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होने पंप की जिम्मेदारी अपने रिश्तेदार अजय सिंह निवासी चौहानपुरवा लिलोई कलां थाना उमरी बेगमगंज के हवाले कर रखा था।
अजय सिंह चौहान का कहना है कि उन्होंने बसंतपुर आटा थाना परसपुर निवासी राधेश्याम प्रजापति को पंप पर सेल्स मैनेजर के रूप में नियुक्त किया था। पूरे पंप का हिसाब-किताब की जिम्मेदारी उसी के पास थी। इस दौरान उसने अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए 11.95 लाख रुपये का गबन कर लिया। जब उन्होने अभिलेखों की जांच पड़ताल की तो पता चला कि मैनेजर राधेश्याम ने अक्टूबर 2022 से अब तक 11.95 लाख रुपये का हेराफेरी किया है। इस संबंध में जब राधेश्याम से पूछताछ की गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उन्हें पूरी धनराशि का चेक दे दिया। अजय का कहना है कि जब उन्होने बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इस दौरान मौका पाकर मैनेजर राधेश्याम भाग निकला। मामले में अजय सिंह ने आरोपी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी है। परसपुर थाना प्रभारी शेषमणि पाण्डेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

