मुश्ताक अहमद
गोंडा।समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव पवन कुमार सिंह ने डीएम और सीएम को पत्र भेजकर गांव की सरकार बनाने में मतदाता सूची निष्पक्ष व पारदर्शी में अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पत्र में लिखा था कि वजीरगंज विकास खंड के ग्राम पंचायतों में तैनात बीएलओ व उनकी निगरानी में लगे राजस्व विभाग के लेखपालों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाए। आरोप था कि गांवों में तैनात बीएलओ ने भ्रष्ट प्रधानों व प्रत्याशियों से पैसा लेकर शादीशुदा एवं मृतक लोगों का नाम नहीं हटाया वहीं जानबूझकर कुछ चिन्हित परिवारों से कुछ नाम काट दिए हैं।
बीएलओ प्रधानों को खुश करने के लिए पूरे-पूरे घर के लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है। यही ही नहीं अपने विपक्षियों के नाम में गड़बड़ी बीएलओ को मिलाकर कराई गई है। अगल बगल के गांवों के लोगों को भी फर्जी ढंग से वोटर लिस्ट में बढ़ा दिया गया था। आरोप है कि वजीरगंज ब्लाक की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में लगभग 100 से लेकर 300 लोगों के नामों में हेराफेरी किया गया है। तहसील में तैनात वोटर लिस्ट तैयार करने वाले कर्मी ने पैसा लेकर कुछ ग्राम पंचायतों में डाटा आपरेटरो द्वारा कई-कई घर वोटर लिस्ट से उड़ा देने का मामला प्रकाश में आया है। पत्र में सपा नेता ने मांग की है कि जिन ग्राम पंचायतों में 10-20 नामों से ज्यादा गड़बड़ी करने वाले बीएलओ का मानदेय रोकने व निलंबित कर नये बीएलओ को नियुक्त करने व पुनः आपत्ति जुड़ने वाले नामों के लिस्ट की जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए गांवों में सुपर वाइजर को भेजकर जांच करने का आदेश दिया है। टीम वजीरगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत महादेवा समेत कई गांवों में जांच कर रही है।

