लखनऊ।राजधानी की सामाजिक संस्था ऑल इंडिया पयाम ए इंसानियत फोरम की लखनऊ यूनिट द्वारा ज़िला कारागार में लखनऊ में जुर्माने की रक़म जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद 2 कैदियों को उन की जुर्माने की रक़म अदा कर के जेल से रिहा कराया गया।साथ ही 300 क़ैदियों की आँख की जाँच कर के चश्मे बना कर दिये गये। साथ ही मॉडल जेल लखनऊ में 150 लोगों की आँख की जाँच भी की गयी,एवं चश्मे वितरित किये गये साथ ही 100 कम्बल भी बांटे गये।इस अवसर पर जेल सुप्रीटेंडेंट एवं जेलर के साथ जेल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल रहे ।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी जेल में कई ऐसे कैदी हैं जिनको इस सर्दी के मौसम में गर्म कपड़ों और कंबल की ज़रूरत थी उनको ऑल इंडिया पयाम ए इंसानियत की तरफ़ से आज कंबल वितरित किए गए जो बड़ा ही नेक काम है।वहीं ए डी जे मीनाक्षी सोनकर सेक्रेटरी DLSA ने कहा कि यह फोरम सन 1974 से मानवता की सेवा में कार्यरत संस्था है मैं इस संस्था की कार्यशैली से काफी प्रभावित हूं क्योंकि ये संस्था समाज में ऊंच नीच जात पात और धर्म का फर्क किए बिना सिर्फ मानवता की सेवा के लिए कार्यरत है।साथ ही अरुण कुमार मिश्रा चीफ लीगल ऐड डिफेन्स कॉउंसिल ने कहा कि आज इस तरह के काम करने वाली संस्थायें बहुत कम हैं और हमें एक बेहतर समाज के लिए इस तरह की संस्थाओं का हौसला भी बढ़ाना चाहिए।उन्होंने संस्था का उनकी इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान हम सबको अपनी जिम्मेदारियों को और जिम्मेदारी से निभाने के लिए प्रेरित भी करते रहते है। उन्होंने आगे भी संस्था का पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन भी दिया,इस अवसर पर कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा अपर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी,मौलाना आसिम नदवी,मदरसा नदवा तुल उलेमा के छात्र और संस्था के कोऑर्डिनेटर मो0 शफीक चौधरी ने सभी सम्मानित अतिथियों और सदस्यों के साथ ज़िला कारागार प्रशासन का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद किया।

