मदरसे में नौकरी व जमीन के बदले जमीन देने का झांसा देकर ठगी का आरोप
गोंडा।जालसाजी समेत कई अन्य गंभीर मामलों के आरोपी बसपा के पूर्व मंडल कोआर्डीनेटर अब्दुल राजिक उस्मानी को जिले की नवाबगंज पुलिस नहीं ढ़ूढ़ पा रही है। ऐसे में नवाबगंज पुलिस की सक्रियता और उसके इकबाल पर सवालिया निशान लग रहे हैं। अमूमन मामूली मामलों में आम आदमी की जीना मुहाल करने वाली ‘मित्र पुलिस’ को अब कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। कारण कि रिपोर्ट दर्ज दर्ज किए आठ माह बीतने को है लेकिन नवाबगंज पुलिस यारी निभा रही है।

नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी पूर्व बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी का विवादों से गहरा नाता रहा है। उनके खिलाफ नवाबगंज व वजीरगंज थाने में कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है। सपा सरकार में खाद्यान्न कालाबाजारी जैसे गंभीर आरोपों से घिरे लेकिन वो अपना तिकड़म लगाकर बड़ी कार्रवाई से बच गए। अब्दुल राजिक उस्मानी पर तालाब की जमीन हथिया कर मकान बनवाने का भी आरोप है, बसपा शासनकाल में उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि उस समय वह बीएसपी में ही थे। तत्कालीन डीएम राम बहादुर ने अपने रसूख के बल पर तालाब की जमीन पर बनाए गए मकान को बुल्डोजर लगाकर गिरा दिया गया था। सूबे में सपा की सरकार बनी तो अब्दुल राजिक उस्मानी ने फिर सत्ता की छांव डूढ़ ली और एकछत्र राज किया। पावर, पैसा और रसूख के चलते राजिक उस्मानी द्वारा क्षेत्र में कई ऐसे काम किए गए जिससे सियासी शोहरत तो मिली, लेकिन सामाजिक ताने-बाने पर धब्बा लग गया। वर्ष 2023 में एक मामला सामने आया, जिसमें राजनीतिक रसूख और पैसे के आगे रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।
वर्ष 2025 में 21 जनवरी को शाहपुर गांव निवासी पूर्व बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी के खिलाफ गांव के ही मोहम्मद मुजीब ने न्यायालय के आदेश पर नवाबगंज थाने में आईपीसी की धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471, 504 व 506 के तहत केस दर्ज कराया। दर्ज कराए गए केस में मुजीब ने बताया कि उसने अब्दुल राजिक उस्मानी के यहां वर्ष 2015 में तीन साल तक दस हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पर नौकरी की थी। इसी बीच अब्दुल राजिक उस्मानी ने धोखाधड़ी एवं छल कपट पूर्वक नौकरी एवं जमीन के बदले जमीन देने का लालच देकर उसकी भूमि गाटा संख्या 259 को दान पात्र मदरसा मिसबाहुल उलूम के नाम पर 14 फरवरी 2016 में बैनामा करा दिया था। राजिक उस्मानी ने जालसाजी करते हुए हाथ से लिखे गए स्टेटमेंट बनाकर 32,90000 रुपए की मांग की और विश्वासघात करते हुए उसके वेतन का 2 लाख रुपए भी गबन कर लिया। 25 सितंबर 2023 को जब पीड़ित मोहम्मद मुजीब ने जब राजिक उस्मानी से जमीन के बदले जमीन और वेतन की मांग की तो बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी और कहा कि दोबारा दरवाजे पर आए तो गोली मार दूंगा। दरअसल अब्दुल राजिक उस्मानी की इस दबंगई का एक सच यह भी है कि सूबे में जिस भी दल की सरकार रहती है, वह उसकी छांव ढूंढ लेते हैं।

