उमरी बेगमगंज,गोंडा।नेपाल द्वारा 3 लाख 76 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तरबगंज तहसील के कई गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। नेपाल से आए पानी के चलते घाघरा सहित अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बेलसर ब्लॉक के चार गांवों में बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है।स्थिति को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
ऐली परसौली में घाघरा नदी का रौद्र रूप सामने आने लगा है। दक्षिणी माझा,तेलमहन पुरवा,बिहार पुरवा,बाबूराम पुरवा और जोखन पुरवा बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं,जिससे करीब 2000 की आबादी प्रभावित हुई है।वहीं जबरनगर और गढ़ी गांव की लगभग 2000 की आबादी भी पूरी तरह से बाढ़ की गिरफ्त में है।
प्रशासन सतर्क,राहत कार्य जारी
एसडीएम तरबगंज विश्वमित्र सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और राजस्व टीम द्वारा जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई जा रही है।
कटान का कहर,मकान नदी में समाए
बाढ़ के साथ-साथ कटान ने भी तबाही मचानी शुरू कर दी है। ऐली परसौली में पवन कुमार का घर पूरी तरह नदी में समा गया, जबकि रामकुमार का घर भी कटान की जद में आ चुका है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं और राहत टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।

