शमशाद अंसारी
बगहा।बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल के प्रखंड बगहा दो स्थित सनफ्लावर चिल्ड्रेन्स एकेडमी मलकौली पठखौली में शनिवार को अभिभावक एवं शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस संगोष्ठी में विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों एवं विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने शामिल हुए। जिस संगोष्ठी में सैकड़ों अभिभावकों ने हिस्सा लिया। वहीं संगोष्ठी का संचालन करते हुए सर्वप्रथम विद्यालय के निर्देशक निप्पू कुमार पाठक ने उपस्थित अभिभावकों का अभिवादन करते हुए उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छोटे बच्चों को मोबाइल देकर आप बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे हैं। बल्कि बच्चों को बिगाड़ रहे हैं। मोबाईल बच्चों के भविष्य के लिए खतरा है। अतः मोबाइल से दूरी प्रारंभिक शिक्षा के लिए जरूरी है। यदि आपका बच्चा मोबाइल से सवाल बनाने की बात करता हैं। तो वह गलत है।
मोबाइल विद्यालय की एक्टिविटी व कार्यक्रम की सूचना देने के लिए दिया गया है,ना कि होमवर्क के लिए। बच्चे अगर मोबाइल से होमवर्क बनाएंगे। तो वह बिल्कुल सही भी नहीं होगा और उनमें मानसिक कुंठा आएगी। मोबाइल के उपयोग में बच्चों में याद करने की क्षमता कम हो रही है। बच्चे याद नहीं कर पा रहे हैं और मोबाइल के आश्रित होते जा रहे हैं। जिसका समर्थन कई अभिभावकों ने किया। वहीं अभिभावकों से उनके विचार जानने के लिए आमंत्रित किया गया। जिसमें बच्चे मोबाइल से बच्चे बिगड़ रहे हैं,बात को स्वीकारे। अब से बच्चों को मोबाइल नहीं देंगे की बात कहें। इसके अलावा विद्यालय परिवार ने उपस्थित अभिभावकों से आग्रह किया है कि सुबह शाम को बच्चों को अपने निगरानी में गृहकार्य बनवाने की बात भी स्वीकारे। निर्देशक निप्पू कुमार पाठक ने कहा कि विद्यालय जो निर्देश कहा देता है उसका पालन छात्रों से आप सभी कराते रहे तो छात्र निश्चित रूप से आपके बच्चे बेहतर करेंगे। अपनी बात रखने वालों में आशीष राम, शेषनाग चौधरी, कृष्णा चौधरी,मणी कुमार यादव, चंचल कुमार गुप्ता, जहांगीर आलम, मुन्ना गुप्ता, नीरज जयसवाल, त्रियोगी नारायण शुक्ल,सिकंदर गुप्ता आदि दर्जनों अभिभावक रहे।

