गोण्डा।कटरा बाजार विकास खंड की ग्राम पंचायत गौरिया में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था काम बंद कर फुर्र हो गई। कार्यदाई संस्था की लापरवाही से बीते 11 माह से उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण बंद है। ग्राम प्रधान ने इसकी शिकायत सीएम से पत्र भेजकर की है।
गौरिया ग्राम पंचायत में बीते वित्तीय वर्ष में 21 लाख रुपए की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र को बनाए जाने की स्वीकृति मिली थी। गांव वालों को एक उम्मीद की किरण दिखाई दी थी कि उन्हें अब इलाज के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा, व झोलाछाप डाक्टरों की चंगुल से निजात मिलेगी। उपस्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की जिम्मेदारी पूर्वांचल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को मिली थी। मार्च 2023 में इस केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। डीपीसी लेवल तक काम करने के बाद संस्था काम बंद कर चंपत हो गई। कुछ दिन तक ग्रामीणों का ध्यान इस पर नहीं गया । महीनों तक काम नहीं शुरु किया गया तो ग्राम प्रधान ने इसकी खोजबीन शुरू की, तो पता चला कि संस्था काम बंद कर गायब हो गई। बीते लगभग 11 माह से केंद्र का निर्माण बंद है। ग्राम प्रधान समा सिंह ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। गांव के लोग भी अफसर व कार्यदायी संस्था की लापरवाही से काफी आक्रोश में हैं।
इस बावत अवर अभियंता जगदीश सिंह ने बताया कि गौरिया में 21 लाख रुपये की लागत से बन रहा उपस्वास्थ्य केंद्र का कार्य डीपीसी लेवल तक हुआ है। जल्द ही बचा कार्य कराया जायेगा।

