मुश्ताक अहमद
गोंडा। जिले में कई जगहों पर नीचे तार लटक रहें हैं। जिसके चलते हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके बिजली महकमा सबक नहीं ले रहा है। कहीं खेत में बिल्कुल नीचे तो कहीं मकान को छू रहे तार हादसे को बुला रहे हैं। लेकिन बिजली महकमा आंख मूंद कर सिर्फ तमाशा देख रहा है।

लटक रहे तारों से जिले के साथ दूसरे जिलों में बड़े-बड़े हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके बिजली महकमा इनसे सबक लेकर कमियों को दूर नहीं कर रहा है। ऐसे में कभी भी गाजीपुर और बहराइच जनपद के कुडवा जैसी घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है। कारण कि छत के ऊपर और खेत में लटक रहे एचटी लाइन को बिजली विभाग द्वारा शिकायत के बाद भी ऊंचा नहीं किया जा रहा है। ऐसे में तेज हवा या अचानक किसी द्वारा तारों को पकड़ लिया जाता है तो बड़े हादसे हो जाते हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण स्वयं बिजली विभाग को शिकायती पत्र भेजकर तार को ऊंचा करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन बिजली महकमा सिर्फ आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। इसी तरह जिले के कई ग्राम पंचायतों में बांस और बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। ऐसे में बांस और बल्ली के टूटने पर भी हादसे हो सकते हैं। कुछ इसी तरह वजीरगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत विरहमतपुर में बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
बल्ली के सहारे होती है आपूर्ति
वजीरगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत विरहमतपुर के डिहवा की लाइन बांस बल्ली के सहारे दी गई है। सिराजुद्दीन ने बताया कि विद्युत सप्लाई बांस बल्ली के सहारे है, और तार नीचे लटक रहे हैं। यहां से स्कूली बच्चों का आना जाना रहता है। कभी भी घटना हो सकती है।
स्कूल के छत के ऊपर लटक रहा तार
प्राथमिक विद्यालय चौखट के भवन के ऊपर से लाइन गुजरी है। काफी लाइन होने के चलते हादसे की आशंका रहती है। कई बार शिकायत के बावजूद बिजली महकमा ने तार ऊपर नहीं किया गया है।
सही होंगी व्यवस्थाएं
किसी गांव में अगर बिजली का पोल नहीं लगा है और लकड़ी के पोल से सप्लाई दी जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जगह देखने के बाद सीमेंट के पोल लगाए जाएंगे। जिससे कि कहीं भी हादसा न हो सके।
अनिल मानक अवर अभियंता -डुमरियाडीह

