गोण्डा।जनवरी माह में एक युवक को घर से बुलाकर उसकी नृशंस तरीके से हत्या कर दी गयी। तीसरे दिन उसकी लाश गांव से करीब आठ किमी दूर एक झाड़ में मिली। युवक की दोनों आंखें निकली हुई थीं। कान कटे हुए थे और चेहरे पर चोट के निशान थे। इस पर मृतक की पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया और मुकदमा दर्ज करने की फरियाद की, लेकिन पुलिस ने इसे हार्ट अटैक बताकर हत्या जैसी जघन्य घटना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब पुलिस के साथ ही पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी कटघरे में खड़े हो गए हैं।
बताते चलें कि जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के ग्राम बिरमापुर का रहने वाला 35 वर्षीय शकील अहमद अपनी पत्नी से यह कहकर घर से निकला कि के मोबाइल पर 15 जनवरी को कुछ देर में वापस आ रहा हूं, लेकिन वह देर रात तक वापस नहीं आया तब परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उसकी मोबाइल स्विच ऑफ थी। परिजन द्वारा 16 जनवरी को इटियाथोक थाने में शकील अहमद की गुमशुदगी दर्ज कराई गयी। 17 तारीख को इटियाथोक के लखनीपुर गांव के पास एक झाड़ में उसकी में क्षत-विक्षत लाश मिली। परिजन मौके पर पहुंचे तो देखे कि शकील की दोनों आंखें निकली हुई थीं। कान कटे हुए थे और चेहरे पर जख्म था। इस पर मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई।

मृतक की पत्नी खुशनुमा ने कहा कि शकील के मोबाइल पर किसी का बार-बार फोन आ रहा था, तभी वह घर से बाहर गए थे। इस मामले में इटियाथोक पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक आया है। ऐसी परिस्थिति में हत्या का केस नहीं दर्ज किया जा सकता है। हालांकि, इलाकाई पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए। कहा गया कि हार्ट अटैक से आंखों के निकलने, कान के कटने और चेहरे पर जख्म होने का क्या संबंध हो सकता है? इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खां मृतक शकील की बीवी खुशनुमा के साथ 28 जनवरी को देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक से मिले और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की। इसे गंभीरता से लेते हुए आईजी ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को इस घटना की जांच अपनी निगरानी में एसओजी से कराने का निर्देश दिया। एसओजी ने इस घटना की गहनता से पड़ताल की और शकील अहमद की हत्या का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या को हार्ट अटैक में कैसे तब्दील कर दिया और इटियाथोक की पुलिस ने हत्या जैसी जघन्य घटना को बिना गहनता से जांच-पड़ताल किए ठंडे बस्ते में कैसे डाल दिया था? इतना ही नहीं, इटियाथोक पुलिस ने तो मृतक की मोबाइल का कॉल रिकॉर्ड भी नहीं निकलवाया था।
सपा नेता मसूद खां व मृतक की पत्नी ने आईजी का जताया आभार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खां व मृतक की पत्नी खुशनुमा के साथ ही उसके परिजनों ने एसओजी से जांच कराकर शकील अहमद की हत्या का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को जेल भेजने के लिए आईजी अमित पाठक का शुक्रिया अदा किया है। मसूद आलम खां ने कहा कि एक पीड़ित परिवार को आईजी साहब की दखल से इंसाफ मिल गया, जिससे उस परिवार के साथ ही अन्य लोगों का भी पुलिस और न्याय पर भरोसा बढ़ा है।

