मुश्ताक अहमद
गोंडा।बच्चों तक न्याय पहुंच कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के झंझरी ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कुंदुरखा में बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल यौन शोषण जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को इन कुप्रथाओं के दुष्परिणामों के बारे में बताना और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
गोष्ठी में अपराजिता सामाजिक समिति की टीम से गीता जायसवाल, रमाकांत वर्मा और आत्रेय त्रिपाठी ने भाग लिया और ग्रामीणों को इन विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए समुदाय की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
गोष्ठी में ग्राम पंचायत कुंदुरखा से ग्राम प्रधान रेखा देवी, पंचायत सहायक चंदन कुमार, रोजगार सेवक किशोरी लाल यादव और सफाई कर्मी राम निवास सहित तमाम लोग रहे। मौजूद लोगों ने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को बाधित करता है, बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं, बाल मजदूरी और बाल यौन शोषण जैसे अपराध बच्चों के सुरक्षित भविष्य में सबसे बड़ी बाधा हैं। इसलिए, इन कुप्रथाओं के खिलाफ सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
गोष्ठी के दौरान ग्रामीणों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया।
इस गोष्ठी से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी है। और यह पहल बच्चों की सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

