बस्ती।जिले में विवेचकों (इंस्पेक्टर-दरोगा) को स्मार्टफोन, टैबलेट देने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेंज व जिले स्तर पर इसकी पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। विवेचकों स्मार्टफोन मिलने के बाद उन्हें विवेचना संबंधी ज्यादातर कार्रवाई, ई- साक्ष्य एप से स्मार्टफोन के माध्यम से करनी होगी। नए कानून में वीडियो साक्ष्य को काफी महत्व दिया गया है, लेकिन कई बार विवेचक स्मार्टफोन न होने का बहाना बना देते हैं। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 250 विवेचकों को स्मार्टफोन मुहैया कराए जाएंगे। उन्हें विवेचना संबंधी ज्यादातर कार्रवाई इसी के माध्यम से करनी होगी। बस्ती जनपद के लिए एक करोड़ 39 लाख का बजट आबंटित हुआ है।
नए कानून में वीडियो साक्ष्य है सबसे महत्वपूर्ण
नए कानून में वीडियो साक्ष्य को काफी महत्व दिया गया है, लेकिन कई बार विवेचक स्मार्टफोन न होने का बहाना बना देते हैं। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के विवेचकों को स्मार्टफोन मुहैया कराए जाएंगे। उन्हें विवेचना संबंधी ज्यादातर कार्रवाई इसी के माध्यम से करनी होगी।
पुरानी व्यवस्था में खरिज कर दिए जाते थे इलेक्ट्रानिक साक्ष्य
पुरानी व्यवस्था में मोबाइल फोन के फोटो, वीडियो व अन्य प्रकार के इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को खारिज कर दिया जाता था। नए कानूनों में इन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इसी वजह से शासन ने कुछ जिलों के विवेचकों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मार्टफोन देने का निर्णय लिया है। सूची में बस्ती जनपद भी शामिल है। यहां पहले चरण में विवेचकों (इंस्पेक्टर-दरोगा) को स्मार्टफोन देने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। पांच सदस्यीय क्रय समिति में डीआइजी रेंज दिनेश कुमार पी अध्यख्ज्ञ,एसपी अभिनंदन,एएसपी ओपी सिंह, सीटीओ अशोक कुमार प्रजापति व अपर सांख्यिकी अधिकारी जिला उद्योग जितेन्द्र कुमार गौतम सदस्य होंगे। तकनीकी कमेटी में अपर राज्य रेडियो अधिकारी मोहन लाल, सीओ पुलिस कार्यालय स्वर्णिमा सिंह, सहायक रेडियो अधिकारी सन्नी कुमार पासवान व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा शामिल किए गए हैं।
विवेचना संबंधी सर्वर पर सेव हो जाएंगे केस के साक्ष्य
घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के फोटो, बरामदगी के फोटो व वीडियो बनाकर अपलोड किए जा सकेंगे। ये साक्ष्य खुद ही मुकदमे की विवेचना संबंधी सर्वर पर सेव हो जाएंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट में इनको देखा जा सकेगा। सभी फोटो-वीडियो, पुलिसकर्मियों को गवाही की सूचना आनलाइन मिलेगी। साथ ही इन फोटो-वीडियो व साक्ष्य की गोपनीयता बनी रहेगी।
नए कानून के तहत स्मार्ट फोन,वीडियो कैमरा व अन्य उपकरण की अगर अभी तक खरीददारी नहीं हुई है तो इसे जल्द से निविदा के के जरिए नियमानुसार खरीदारी करा ली जाएगी। अपराधों की विवेचना के लिए साक्ष्य जुटाने में उपयोगी साबित होगे। इसके जरिए विवेचकों को इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाने में सहूलियत रहेगी। पुलिस दफ्तर को जल्द ही ई-आफिस में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
अभिनंदन,पुलिस अधीक्षक,बस्ती

