मुश्ताक अहमद
गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बेलसर के उमरीबेगमगंज रोड स्थित एक मकान में पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो लोगों को लखनऊ मेडिकल कालेेज के लिए रेफर किया गया है।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि अगल-बगल के घरों की दीवारें व दुकानें दरक गईं। कारखाने की दीवार भी ढह गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी विस्फोट कैसे हुआ छानबीन में जुटे हैं।

सोमवार की दोपहर बेलसर बाजार में काफी तादाद में भीड़ लगी थी। लोग अपने सामानों की खरीद-फरोख्त में व्यस्त थे। इसी बीच बाजार के एक घर से विस्फोट हो गया और धुएं का गुब्बार पूरे बाजार को धुंधला कर दिया । जबतक लोग कुछ समझ पाते तब तक लोग अपने दुकानों व घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे।
सूत्रों की मानें तो इश्तियाक के घर में पटाखा बनाया जा रहा था। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इश्तियाक के घर की ओर दौड़े। विस्फोट से घायलों का चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था। दीवार गिरने की वजह से लोग उसके नीचे झुलसे पड़े तड़प रहे थे। तड़पने वालों में इश्तियाक, आयशा, मुश्ताक, छोटू व तूफान समेत सात लोग शामिल हैं।इनमें कुछ लोगों के बाहरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डा० अनिल वर्मा ने आकाश व इश्तियाक के मौत की पुष्टि की है।
बेलसर चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर चल रही थी फैक्ट्री
बेलसर-उमरीबेगमगंज मार्ग पर बेलसर पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर पटाखा बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। बेलसर पुलिस को फैक्ट्री संचालित होने की खबर नहीं थी, इसी का परिणाम रहा कि इतना भीषण हादसा हो गया। नवरात्र के पहले से ही दीपावली को लेकर सतर्कता बरतने का निर्देश उच्चाधिकारियों ने मातहतों को दिया था,यदि बेलसर पुलिस सतर्कता बरतती तो ये घटना न घटती।
पूर्व में हो चुकी है ऐसी घटनाएं
गत वर्ष वजीरगंज व नवाबगंज में विस्फोट हुआ था। नवाबगंज में हुई विस्फोट में एक की मौत हो गई थी। वहीं वजीरगंज में तीन वर्ष पूर्व एक घर में विस्फोट हुआ था जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।

