कर्नलगंज,गोंडा।स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दबंगो के चलते हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक एक व्यक्ति के खाते की जमीन पर पुराने बने मकान की भूमि को विवादित बता कर पैमाईश करने से मना कर रहे हैं। और न ही उस व्यक्ति को नया मकान बनाने दे रहे हैं। पीड़ित थाना दिवस,तहसील व जिले के आला अधिकारियों को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित थक-हारकर पुनः अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर उसकी भूमि गाटा संख्या 182 पर विपक्षियों द्वारा किए जा रहे बेजा हस्तक्षेप को रोकवाने और मकान निर्माण कराए जाने की गुहार लगाई है।

मामला कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रुदौलिया का है। यहां का निवासी पीड़ित हनीफ पुत्र जुम्मन ने जिले के आला अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है, कि ग्राम रुदौलिया स्थित भूमि गाटा संख्या 182 संक्रमणीय भूमिधर है। और उसके पूर्वजों के जमाने से एक किता कच्चा मकान बना हुआ था। जिसको गिराकर वह नया मकान बनाने लगा। गांव के ही रहने वाले मेराज पुत्र रहमत अली, इब्राहिम पुत्र गनी, फकीरा पत्नी पीर मोहम्मद, रहमत अली व हसन अली, रज्जब अली पुत्रगण मुन्ना निवासियान ग्राम रुदौलिया थाना कोतवाली कर्नलगंज उसके मकान पर बेजा हस्तक्षेप करके नव निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। फकीरा पत्नी पीर मोहम्मद ने एक सिविल वाद संख्या 1542 दायर किया है। जिसमे पैरा 8 में यह स्पष्ट उल्लेख किया है, हमे प्रतिवादी संख्या 2 ता 10 जो प्रार्थी व उनके भाई हैं। उनसे हमारा कोई विवाद नहीं है। और न ही हमारा उनके कब्जे वाली भूमि से कोई वास्ता सरोकार है। उक्त मुकदमे में विपक्षी मेराज पुत्र रहमत अली निवासी ग्राम उपरोक्त से विवाद है। जबकि उपरोक्त गाटा संख्या में न सह खातेदार हैं और न ही वो हमारे सेजरा खानदान से आते हैं। केवल प्रस्तुत मुकदमे में मेराज को ही हस्तक्षेप करने से सिविल न्यायालय द्वारा निषेधित किया गया है। बावजूद इसके हल्का लेखपाल नौशाद खां, आयुष मिश्र राजस्व निरीक्षक द्वारा उसके भूमि पर पुराने बने मकान की भूमि को विवादित बताते हुए उसकी न तो पैमाईश करते हैं और न ही उस पर निर्माण कार्य करने दे रहे हैं।

