गोण्डा।शहर में स्थित भोला बिरयानी की रेस्तरां में काम करने वाला दस वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसकी सूचना रेस्तरां मालिक ने मृतक के परिजनों को नहीं दी, और रात में करीब दो बजे शव को उसके घर पहुंचाकर आनन-फानन में दफना दिया गया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इलाकाई पुलिस ने बालक के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
कोतवाली देहात क्षेत्र के करनपुर (रेशम फार्म) निवासी नूर मोहम्मद का आरोप है कि उसका दस वर्षीय बेटा सलमान नगर कोतवाली के पाण्डेय बाजार चौकी क्षेत्र अंतर्गत चौक बाजार में स्थित भोला बिरयानी की रेस्तरां पर काम करता था। नूर मोहम्मद का आरोप है कि 15 जुलाई को रात करीब दो बजे उसके बेटे की लाश लेकर भोला बिरयानी अपने कुछ साथियों के साथ उसके घर पहुंचे। इकलौते बेटे की लाश देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित का आरोप है कि उसके बेटे को आनन-फानन में कब्र खोदवाकर सुबह करीब छह बजे दफनवा दिया गया। आरोप है कि बेटे की लाश को नहलाते समय वहां उसे नहीं जाने दिया गया। पीड़ित परिवार अपने बेटे की शक्ल को नहीं देखने दिया गया । पीड़ित परिवार को दूर ही खड़ा रखा गया। उसका आरोप है कि ग्राम प्रधान,भोला बिरयानी व उसके भाई ने भी उसे कहीं जुबान न खोलने की धमकी दी। पीड़ित ने भोला बिरयानी के साथ ही अपने भाई पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने व आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की गुहार पाण्डेय बाजार पुलिस चौकी व नगर कोतवाली के साथ ही पुलिस अधीक्षक से लगाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले करीब दो माह से वह न्याय के लिए उच्चाधिकारियों की चौखट पर दस्तक दे रहा है। और इंसाफ की भीख मांग रहा है। गरीब नूर मोहम्मद की फरियाद नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई है। अब उसने जिलाधिकारी नेहा शर्मा से न्याय की गुहार लगाई है।

