मनकापुर।इस्लाम के पैगंबर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताखी करने वाले रामगिरी महाराज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को “दारूल उलूम अहलेसुन्नत एजाजे मुस्तफा कस्बा खास” के प्रांगण में सैकड़ो आलिम व अवाम की मौजूदगी में महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी मनकापुर के मार्फत चौकी इंचार्ज को सौंपा है।

उपजिलाधिकारी मनकापुर के माध्यम से दिए गए ज्ञापन में लिखा है कि 14 अगस्त 2024 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर तहसील के पंचाले गांव में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन के लिए आए सरला द्वीप के महंत “रामगिरी महाराज” (असली नाम सुरेश रामकृष्ण राणे) ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के खिलाफ़ की गई विवादित एवं आपत्तिजनक टिप्पणी से पूरा मुस्लिम समाज आहत और आक्रोशित है।
इसे लेकर सभी लोकतांत्रिक ढंग से अपना विरोध दर्ज कराते हुए महंत रामगिरी महाराज की गिरफ़्तारी की लगातार मांग कर रहे है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार से संरक्षण प्राप्त महंत रामगिरी महाराज को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।जिससे मुसलमानों में खासा गुस्सा है। एक तरफ मुफ्ती सलमान अजहरी को सिर्फ मुहावरायुक्त बयान देने पर तुरंत गिरफ्तार कर अनिश्चितकाल के लिए जेल में डाल दिया जाता है। जबकि महंत रामगिरी महाराज को पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के खिलाफ विवादित और आपत्तिजनक बयान देने के बाद भी आजाद घूमने दिया जाता है।
ज्ञापन में ये भी लिखा है कि मुसलमान अपना निजी अपमान और नुकसान तो सहन कर सकता है।लेकिन अपने नबी की “शान” और “अजमत” के खिलाफ गुस्ताखी को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।मुसलमान अपनी जान दे सकता है लेकिन अपने नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकता।मुसलमान का मुक्कमल ईमान ही अपनी जान से भी ज्यादा बढ़कर अपने “नबी हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम” की “मोहब्बत है।देश में सदियों से चली आ रही गंगा जमुनी तहजीब और “अनेकता में एकता” के सूत्र वाक्य को तार-तार करने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन देने वालों में दारुल उलूम एजाजे मुस्तफा के प्रबंधक मौलान राबीउल्लाह अलीमी,मौलाना गुफरान,मौलाना मेराज,मौलाना असरार फ़ैज़ी,रईस अहमद ‘बब्बू प्रधान’ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा,मौलाना इस्लामुद्दीन,मौलाना गुलाम गौस साक़ी,हाफिज मुहिबुर्रह्मान मौलाना रमज़ान,मौलाना मोबीन,मौलाना इज़हार मुहम्मद अली नक्शबंदी,अज़हर इस्माईली समेत सैकड़ो आलिम और इलाकाई लोग मौजूद रहे।

