गोंडा।सांसद व विधायकों के अलावा अब किसी अन्य जनप्रतिनिधि के स्थान पर उनका कोई प्रतिनिधि शासकीय बैठकों में नहीं बैठ सकता।डीएम नेहा शर्मा ने साफ कहा है कि यदि किसी कार्यालय में अनधिकृत व्यक्ति शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप या कार्यालय के उपयोग की अनाधिकार चेष्टा की जाती है,तो तत्काल इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी जाए।ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में प्राय: ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि ग्राम व विकासखंड स्तर पर शासकीय कार्यालय में निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर अनाधिकृत लोग उनके प्रतिनिधि बनकर बैठते हैं व बैठकों में भी भाग लेते हैं।अनधिकृत लोगों के द्वारा शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप किए जाने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
प्रतिनिधि की व्यवस्था सिर्फ सांसद व विधायकों के लिए मान्य है। इन सांसद व विधायकों की अनुपस्थिति में यह प्रतिनिधि शासकीय बैठकों में शामिल होते हैं। अब यह व्यवस्था ग्राम व क्षेत्र पंचायत स्तरीय कार्यालय में भी देखने को मिल रही है।
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि वास्तविक जनप्रतिनिधि के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनका प्रतिनिधित्व अथवा शासकीय कार्यों का संपादन अपराध की श्रेणी में आता है। अतः यह आदेशित किया गया है कि ग्राम व क्षेत्र पंचायत स्तरीय कार्यालय में वास्तविक जनप्रतिनिधि के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित जनप्रतिनिधि के कार्यालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कार्यालयाध्यक्ष को सौंपी गई है। यदि कोई इस तरह का कृत्य करने की चेष्टा भी करता है तो तत्काल इसकी सूचना स्थानीय थाना प्रभारी को देने के साथ ही जिला स्तर के वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को भेजनी होगी। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

