गोण्डा।जिले में चकबंदी वाद के निस्तारण में लापरवाही बरतना बन्दोबस्त अधिकारी समेत तीन अन्य चकबन्दी अधिकारियों को भारी पड़ गया है।डीएम नेहा शर्मा ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।इस दौरान स्पष्टीकरण न प्रस्तुत करने की स्थिति में यह मान लिया जाएगा कि इन्हें कुछ नहीं कहना है।इसी को आधार मानकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पुराने लम्बित वादों का समय पर निस्तारण शासन की प्राथमिकता में है।जिला प्रशासन की ओर से शासन की मंशा को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए निरंतर निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
डीएम ने बीते 18 जून को जिले के चकबंदी न्यायालयों में लम्बित वादों की स्थिति के दृष्टिगत सभी पीठासीन अधिकारियों को प्रतिदिन न्यायालय में उपस्थित रहकर एक वर्ष से पुराने सभी वाद का एक पक्ष के अन्दर निस्तारण करने का निर्देश दी थी। 25 जून को इसकी दोबारा समीक्षा की गई। इसमें, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी देवेन्द्र सिंह की न्यायालय में इस दौरान मात्र 35 वाद निस्तारित किए गए। 983 वादों का निस्तारण शेष पाया गया। इसी तरह, चकबंदी अधिकारी पुराना लवलेश मिश्रा के न्यायालय में मात्र 01 ही वाद का निस्तारण किया गया। 565 वाद निस्तारण हेतु अवशेष हैं। इनमें 268 वाद 05 साल के अधिक समय के हैं। चकबंदी अधिकारी करनैलगंज राजकुमार के न्यायालय में मात्र 19 वादों का निस्तारण किया गया है। यहां, 163 वाद निस्तारण हेतु अवशेष हैं। इसी तरह, चकबंदी अधिकारी नवीन सुधीर राय के न्यायालय में मात्र 25 वादों का निस्तारण किया गया। यहां, 718 वाद लम्बित हैं। डीएम ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डीएम ने कहा कि 24 घंटे के भीतर जवाब न देने पर कार्रवाई की जायेगी।

