खरगूपुर,गोंडा।श्री चतुर्भुजी नाथ मंदिर चतुर्भुजवा महादेवा कला में चल रही श्री शिवमहापुराण कथाअमृत के पांचवें दिन पीठाधीश्वर श्री अवधधाम डॉ रामविलास दास वेदांती जी महाराज के श्रीमुख से सम्पन्न हुई।पांचवे दिन भक्तों में काफी उत्साह देखा गया।

कथा में महाराज जी ने कहा की श्रद्धा भक्ति की बेटी है यदि श्रद्धा है तो आपका अगर कोई वचन गलत भी हो गया है तो माफी योग्य है और अगर श्रद्धा नहीं है तो आपके द्वारा कितना भी अच्छा व्यवहार किया गया हो वह स्वीकार नहीं हो सकता, श्रद्धा रूपी पार्वती हिमाचल में जन्म लेकर विश्वास लेकर विश्वास रूपी भगवान शिव का वरण किया इसलिए श्रद्धा और विश्वास जिस व्यक्ति में है वह कभी पराजित नहीं हो सकता है।श्रद्धा बिना धर्म नहीं एवं विना विश्वास के भगवान की भक्ति नहीं हो सकती।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संयोजक पीठाधीश्वर संत राघवेश दास वेदांती,संतोष घनश्याम शुक्ल,अवनीश शुक्ल,राम कृपाल शुक्ला, प्रशांत मिश्रा,रविंद्र सिंह ,संतोष मिश्रा,अलखराम वर्मा, मोहनलाल पाल, राम सनेही गुप्ता,सत्यम मिश्रा ,बृजलाल,विकास सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे।।

