हरीश कुमार गुप्ता
बलरामपुर।उतरौला में शिक्षकों ने बैठक कर सभी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाने पर चर्चा किया। बैठक की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता वर्मा ने किया। उन्होंने 5 सितंबर पर शिक्षक दिवस को पूरे हर्षोल्लाह के साथ मनाने की अपील की। कहा कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि शिक्षा में उनके स्थायी योगदान और शिक्षकों के महत्व में उनके विश्वास का सम्मान किया जा सके। 5 सितम्बर को सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन की जयंती है। वह एक सम्मानित विद्वान, दार्शनिक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। शिक्षक दिवस केवल उत्सव नहीं है, यह अपना दृष्टिकोण परखने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का समय है। छोटे-छोटे आभार और सहयोग से विद्यालय का माहौल सुधरता है। विद्यार्थियों को सुझाव दें आदर के साथ प्रश्न करें, समय पर पढ़ाई करें और शिक्षक के दिए फीडबैक को गंभीरता से लें।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक ब्लाक अध्यक्ष ब्रजेश चौधरी ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन शिक्षण और दर्शन के क्षेत्र में प्रसिद्ध थे। जब वे राष्ट्रपति बने तो उनके कई छात्रों और शुभचिंतकों ने उनका जन्मदिन विशेष रूप से मनाने का प्रस्ताव रखा। तब डॉ राधाकृष्णन ने कहा कि उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, ताकि शिक्षक और शिक्षण के महत्व को रेखांकित किया जा सके। तब से 5 सितंबर भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और शिक्षा के प्रति हमारे दायित्व याद दिलाता है।ब्लॉक मंत्री जियाउलहक, कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, श्रद्धा सिंह, सतीश कुमार यादव, देश रत्न, मोहम्मद अकबर, तजम्मुल हसन, हरिशंकर, सुरेंद्र मौर्य, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, विक्रम सिंह, कृष्ण कुमार, मकसूद अहमद आदि मौजूद रहे।

