पप्पू अंसारी
अयोध्या।भारतीय पत्रकार सुरक्षा कवच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरिक्ष तिवारी ने रुदौली थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य के अलोकतांत्रिक और अराजक व्यवहार के खिलाफ ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित एसडीएम सदर रामप्रसाद त्रिपाठी व तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह को दिया है।पत्रकारों ने अपना विरोध जताते हुए अर्धनग्न होकर ज्ञापन दिया है। पत्रकारों ने कहा कि हमें लाठी ही खानी है, तो हम तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी कोतवाल रुदौली संजय मौर्य पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो लखनऊ के ईको गार्डन में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी अयोध्या प्रशासन की होगी।

श्री तिवारी ने कहा कि बीते 11 अगस्त 2025 को प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने 70 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार शिवाजी अग्रवाल और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बिना किसी उकसावे के लाठीचार्ज की और मारापीटा। इस घटना के बाद बुजुर्ग पत्रकार की हालत नाजुक है, जिससे ज्ञापन देते समय वो नहीं आ सके। संजय मौर्य पर यह भी आरोप है कि वह थाने में आने वाली महिलाओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। यह कृत्य सीधे तौर पर सरकार के मिशन शक्ति अभियान का अपमान है और इसी तरह के अधिकारियों के कारण अयोध्या पुलिस की छवि खराब हो रही है। जिसका परिणाम हमें हाल ही में आई 73वीं रैंकिंग के रूप में देखने को मिला है। कोतवाल को बड़े-बड़े लोगों का संरक्षण में प्राप्त है जिससे वो कहता है कि हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता।
चाणक्य परिषद के कृपा निधान तिवारी ने अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि हम इस लड़ाई में साथ हैं। अमित कुमार शर्मा (मोनू) ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सुष्मिता जायसवाल ने कहा कि जहां एक तरफ मुख्यमंत्री मिशन शक्ति अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोतवाल ने जिस तरह से महिलाओं के साथ थाने में दुर्व्यवहार किया, वह शर्मनाक है। ऐसे अधिकारियों के रहते महिला सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
समाजसेवी अर्चना तिवारी ने कहा कि महिलाओं के प्रति यह दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। संजय यादव ने बताया कि यह मामला आम जनता के सम्मान से जुड़ा है। रवि मौर्य ने दोषी पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। सोनू चौधरी ने कहा कि न्याय मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे। वहीं, बृजेश सिंह ने प्रशासन के इस तरह के व्यवहार को पत्रकारों के लिए बेहद गलत बताया है।
पत्रकारों और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री से पाँच सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य का तत्काल निलंबन, दोषी पर कठोर कानूनी कार्रवाई, पीड़ितों को न्याय व सम्मान की बहाली, विवादित अधिकारी के पिछले रिकॉर्ड की जाँच और पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार के लिए सख्त दिशा-निर्देश शामिल हैं। अब सभी को मुख्यमंत्री की ओर से त्वरित कार्रवाई का इंतजार है। इस मौके पर पत्रकार अमित शर्मा (मोनू), आदित्य कुमार वैश्य, शैलेंद्र कुमार, अमित कुमार, संजय यादव, अभिषेक कुमार, शिव शरण, कृपा निधान तिवारी, प्रदीप पाठक, अर्चना तिवारी, मिताली रस्तोगी, पूजा मौर्य, क्रांति कुमारी, काजल, आंचल, सोनू चौधरी मौजूद रहे ।

