उतरौला,बलरामपुर।गन्ना विकास परिषद उतरौला के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह द्वारा शनिवार को न्याय पंचायत इमलिया बनघुसरा के ग्राम बनघुसरा में मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण में गोष्ठी आयोजित की गई।जिसमें मुख्य अतिथि विधायक राम प्रताप वर्मा के पुत्र शशांक वर्मा रहे। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने कहा जो कृषकों के आय का मुख्य स्रोत भी गन्ने की खेती से प्राप्त होने वाली आय है, किंतु जनपद का औसत उत्पादन प्रदेश के औसत उत्पादन 832.52 कु० प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 675.84 कुं० प्रति हेक्टेयर है, जोकि कम है।
गन्ने के कृषकों के आमदनी को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परामर्श से गन्ना कृषकों के आय में वृद्धि करने हेतु गन्ना विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री गन्ना कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। विभागीय तत्परता के कारण गन्ना विकास परिषद उतरौला द्वारा अब तक परिषद क्षेत्र के 18 न्याय पंचायत में से 14 न्याय पंचायत में मुख्यमंत्री गन्ना कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कराया जा चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जहां एक और सहफसली ,गन्ने की औसत उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हेतु नवीन तकनीक से कृषकों को अवगत कराया जाता है। वहीं मृदा को उपजाऊ एवं जीवंत बनाए रखने हेतु जैविक एवं प्राकृतिक खेती से भी कृषकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जल जमाव वाले क्षेत्र में गन्ने की खेती पर भी कृषकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि वे स्थानीय स्थिति के अनुरूप कृषि कार्य कर गन्ने की खेती से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। विभागीय तत्परता के कारण गन्ना विकास परिषद उतरौला द्वारा सत्र 2024-25 में कराए गए क्रॉप कटिंग में परिषद क्षेत्र का औसत उत्पादन 733.5 कुंतल प्रति हेक्टेयर आया, जो की जनपद के अन्य परिषदों के सापेक्ष सर्वाधिक है। परिषद के सक्रियता के कारण आज गन्ना समिति स्तर पर गन्ना क्लीनिक एवं गन्ना निवेश वितरण केंद्र सफलता पूर्वक संचालित हो रहा है। कृषकों को रिवाल्विंग फंड के माध्यम से ऋण पर गन्ने की खेती में उपयोग होने वाले कीटनाशक, कवकनाशी, खरपतवारनाशी, जल विलय उर्वरक, जैव उर्वरक, सागरिका, नैनो यूरिया आदि समय से उपलब्ध रहता है, ताकि गन्ना कृषक अपनी खेती बेहतर तरीके से कर सके। मशीनीकरण को बढ़ावा देने हेतु फार्म मशीनरी बैंक का भी स्थापना किया गया है, जिसमें ट्रैक्टर सहित 9 अंत्यन्त आधुनिक यंत्र भी हैं, जिसे समिति द्वारा अत्यंत कम दरों पर कृषकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं गन्ने के उन्नतशील प्रजाति हेतु गन्ना विकास परिषद सतत रूप से क्रियाशील है, जिसके कारण प्रजाति संतुलन एवं नियोजन बेहतर हुआ है। न्याय पंचायत इमलिया बनघुसरा के ग्राम बनघुसरा में कृषकों को प्रशिक्षित करते हुए श्री सिंह द्वारा बताया गया कि कृषकों को स्थानीय परिस्थितियों जलजमाव कीट एवं रोगों के संक्रमण एवं प्रजाति चयन को ध्यान रखते हुए गन्ने की खेती का प्रबंधन कर अधिकतम उत्पादन लिया जा सकता है।इस अवसर ज्येष्ठ गन्ना अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह,महा प्रबंधक गन्ना राजेश प्रताप शाही, मास्टर ट्रेनर अतुल कुमार सिंह,उपेंद्र कुमार सिंह,विजय पाण्डेय, राजेश प्रताप शाही, अमित शाह, आई जी चौधरी,नितेश सिंह कर्ता राम वर्मा, एवं सैकड़ों की संख्या में गन्ना किसान उपस्थित रहे।

