मारुफ हुसैन
लखनऊ।चारबाग रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतीक्षालय में बैठी महिलाओं का टीटीई के वेष में टिकट जांचना जालसाज महिला को भारी पड़ गया। स्टेशन अधीक्षक अरविंद बघेल ने कथित महिला टीटीई से पहचान पत्र मांगा। पहचान पत्र में महिला का कर्मचारी क्रमांक, पदनाम और उसका तैनाती स्थल लखनऊ सब फर्जी पाया गया। जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया जीआरपी पुलिस महिला से पूछताछ में लगी हुई है।
क्या है मामला
स्टेशन अधीक्षक को सूचना मिली कि एक महिला टीटीई के परिधान में यात्रियों का टिकट चेक कर रही है। उन्होंने महिला का आईडी कार्ड मांगा गया, उसका नाम काजल सरोज पुत्री छोटेलाल सरोज निवासी ग्राम मालेपुर संत रविदास नगर (भदोही) अंकित है, और कर्मचारी नंबर 20137081345 है। जानकारी करने पर इस नंबर और नाम का कोई टीटीई चेकिंग कैडर में पंजीकृत नहीं मिला।
स्टेशन अधीक्षक ने महिला आरक्षी की मदद से काजल को थाना जीआरपी के सुपुर्द किया, स्टेशन अधीक्षक की तहरीर एफआईआर दर्ज की गई है। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि महिला से पूछताछ की जा रही है।
महिला की टीसी ने खोली दी पोल
चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की चेकिंग कर रही एक महिला टीसी महिला प्रतीक्षालय के वॉशरूम गई,वहां उन्होंने देखा कि एक महिला उन्हीं की वेशभूषा में टिकट जांच रही है,इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई,जांच में वह फर्जी मिली।
इसलिए दबोची गई महिला
रेलवे में टीटीई के पद पर सीधे नियुक्ति नहीं होती,महिला व पुरुष टीसी से प्रमोट होकर टीटीई बनते हैं,प्रमोशन पाने के लिए करीब 14 से 15 वर्ष लगते हैं। काजल की आयु महज 22 साल है,आई कार्ड पर उसकी जन्म तारीख 16 मार्च 2002 अंकित है।
रेलवे अपने कर्मचारियों का क्रमांक अलग तरीके से जारी करता है,जिस वर्ष कर्मचारी की तैनाती होती है वह सबसे पहले लिखा होता है,आईकार्ड में नियुक्ति तारीख 25 मार्च 2021 लिखा है,जबकि कर्मचारी क्रमांक की शुरुआत 2013 से हो रहा था।और महिला की नियुक्ति स्थल लखनऊ दिखाया गया है,जबकि आईकार्ड के अनुसार,करीब चार साल से वह यहां तैनात है। स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि महिला को इसके पहले कभी नहीं देखा था।

