सादुल्लाह नगर,बलरामपुर।देखों भैय्या लक्ष्मण वाटिका निहार ऐ कही घुघरू करेला झनकार। झनझन बाजी ली पयलिया बरबस रस का परेला झनकार।।
सादुल्लाह नगर ग्राम पंचायत भिरवा के नौडीहवा में हो रहे राम विवाह महोत्सव के तीसरे दिन अयोध्या से आई रामलीला कमेटी द्वारा अयोध्या और मिथिला की उन अद्भुत घटनाओं की ओर, जहां पुष्प वाटिका और नगर दर्शन के जरिए राम और सीता का मिलन हुआ।”मिथिला की पुष्प वाटिका, जहां सीता माता फूल तोड़ने आई थीं। उस समय प्रकृति भी मानो उनके स्वागत में सजी-संवरी प्रतीत हो रही थी। हर तरफ रंग-बिरंगे फूल खिले हुए थे, वातावरण में मधुर खुशबू फैली थी। यहीं भगवान राम और सीता का पहली बार सामना हुआ। राम ने सीता को देखा और उनके रूप पर मोहित हो गए। यह पल न केवल उनका प्रथम मिलन था। बल्कि मानव जीवन में प्रेम और आदर्श का एक प्रतीक भी बन गया।

“पुष्प वाटिका की घटना के बाद राम और लक्ष्मण ने गुरु विश्वामित्र के आज्ञा पर मिथिला के नगर का भ्रमण किया। नगर मिथिला नगरी की सजावट, लोकगीतों की ध्वनि और वहां के लोगों की उमंग ने भगवान राम को मंत्रमुग्ध कर दिया। जनकपुर की गलियां और महल पूरी तरह से राम विवाह की तैयारियों से सजी हुई थीं। हर तरफ एक दिव्य माहौल था, जिसमें संस्कृति और परंपराएं जीवंत हो उठीं।”इस अवसर पूर्व प्रमुख महंन्थ वीरेंद्र दास, शेषमणि तिवारी,पर कमेटी अध्यक्ष द्वारका प्रसाद मौर्य, ऑडिटर सुभाष चंद्र जायसवाल, संचालक शेषमणि तिवारी , रमेश व अन्नू ओझा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

