बनारसी मौर्या
नवाबगंज,गोंडा।पितृ ऋण से निजात पाने व सनातन धर्म की परंपरा का निर्वाह करने की नई पीढ़ी आगे आए। और इससे प्रेरणा लेते हुए तीर्थ यात्रा में पितरों को पिंडदान करने के दम्पति को गांव वालों व परिजनों ने गाजे बाजे के साथ रवाना किया।इस जत्था में 60 लोग साथ में नवाबगंज से रवाना हुए।
नवाबगंज विकास खंड के दुल्लापुर गांव निवासी राम रंग तिवारी 70 वर्ष अपनी पत्नी नीलम तिवारी के साथ मंगलवार को गया तीर्थ के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने अपने घर पर विधिवत् पूजा अर्चना करने के बाद भंडारे का आयोजन किया। गांव वालों व परिजनों ने उन्हें फूल माला पहना कर गाजे बाजे के साथ रवाना किया। तीर्थ यात्रा पर गए राम रंग तिवारी ने कहा कि मंगलवार रात्रि पवित्र नगरी अयोध्या में विश्राम करने के बाद बुधवार को भरतकुंड में पिंडदान करने के बाद बस से गया तीर्थ के लिए जायेंगे। तीर्थ यात्रा के लिए रवाना बस में 60 लोगों का जत्था गया के लिए जाएगा। 15 दिन की यात्रा के बाद तीन अक्टूबर को सभी लोग वापस होंगे। पितृपक्ष में गया में पिंडदान करने से 7 पीढ़ियों का उद्धार होता है। और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। सनातन धर्म का यह सबसे अमूल्य निधि भी है। पितृ ऋण से मुक्ति भी मिलती है। उसका पालन नयी पीढ़ी भी करे। गया को पितरों की मोक्ष स्थली कहा जाता है। इसीलिए हिंदू धर्म में लोग अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए गया तीर्थ को जाते हैं। इस अवसर पर डॉ० राजेश तिवारी, अवधेश तिवारी, सर्वेश तिवारी, बृजेश तिवारी,अमन तिवारी, पूर्व प्रधान राम अचल निषाद, पाटनदीन निषाद, राहुल तिवारी समेत तमाम लोगों ने गया जाने वाले श्रद्धालुओं का फूल माला-पहना कर स्वागत किया।

